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कृषि कानूनों के विरोध में बड़ौत से खाप चौधरियों ने खोला तीसरा मोर्चा, मुस्लिम खाप पंचायतों का भी मिला समर्थन

Sat, 19 Dec 2020 12:28 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बागपत/बड़ौत
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- फोटो : अमर उजाला
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नए कृषि कानून के विरोध में आज बड़ौत में खाप चौधरियों द्वारा तीसरा मोर्चा खोला है। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह के बड़ौत स्थित आवास पर किसानों के पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही जारी रहा। इसके बाद किसान ट्रैक्टर ट्रॉलियाें में सवार होकर दिल्ली सहारनपुर हाईवे जाम करने के लिए निकल गए। शामली की गठवाला खाप के अलावा असारा कि मुस्लिम खाप पंचायत ने भी दिया समर्थन। पट्टी चौधरान से किसान काफिले के रूप में औद्योगिक पुलिस चौकी पर पहुंचेंगे।
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देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि पहले हवन होगा, इसके बाद दिल्ली सहारनपुर हाईवे जाम किया जाएगा। किसानों के ट्रैक्टर ट्रॉली पर सवार होकर पहुंचने का सिलसिला जारी है।

शामली की गठवाला खाप के चौधरी हरिकिशन मलिक के बेटे राजेंद्र मलिक ने किसानों के साथ पहुंचकर समर्थन दिया। देशखाप के चौधरी सुरेंद्र सिंह और गठवाला खाप के प्रतिनिधि राजेंद्र मलिक के नेतृत्व में किसानों का काफिला दिल्ली सहारनपुर हाईवे होते हुए पुलिस चौकी की ओर बढ़ गए।
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khaap meeting - फोटो : अमर उजाला
वहीं औद्योगिक पुलिस चौकी पर नेशनल हाईवे जाम करने के एलान के बाद परिवहन विभाग भी अलर्ट हो गया। सीओ आलोक कुमार का कहना था कि खाप चौधरियों द्वारा नेशनल हाईवे जाम करने के एलान के बाद पुलिस प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मुस्तैद है।

चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात
हाईवे जाम के एलान को लेकर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए औद्योगिक पुलिस चौकी के अलावा पीएन शर्मा पार्क, दिल्ली बस स्टैंड, छपरौली चुंगी पर लगाया गया है।

इसके अलावा वाहनों को निकालने के लिए कोताना रोड़ पुल पर पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, क्योंकि औद्योगिक पुलिस चौकी पर जाम के एलान के बाद वाहन चालकों का ज्यादा संचालन बड़ौत-कोताना मार्ग पर रहेगा। जाम लगने की स्थिति से निपटने को पुलिस प्रशासन पूरी तरह तैयार है।

भाव मिला और न भुगतान, आंदोलन के सिवाय कोई रास्ता नहीं
हाईवे जाम करने को लेकर समर्थन में शुक्रवार को फतेहपुर पुट्ठी, बड़ौली, बड़ौत समेत जिलेभर में जगह-जगह पर पंचायतें हुई। इसमें आंदोलन में ताकत दिखाने का आह्वान किया गया। किसानों ने कहा कि कृषि कानून को वापस लिया जाना चाहिए। अब तक गन्ने का भाव घोषित नहीं किया गया, भुगतान भी नहीं हुआ। किसान सड़क पर नहीं बैठे तो क्या करें।

फतेहपुर पुट्ठी गांव मेें थांबा चौधरी यशपाल सिंह की अध्यक्षता व प्रधान आदित्य तोमर के संचालन में यह बैठक हुई, जिसमें बिजवाड़ा, धनौरा सिल्वर नगर, गुराना, बड़ावद समेत अन्य गांव के किसान पहुंचे। वक्ताओं ने नए कृषि कानून पारित किए जाने पर आक्रोश जताया और सरकार से इस बिल को वापस लिए जाने की मांग उठाते हुए शनिवार को खाप चौधरियों के नेशनल हाईवे जाम करने के समर्थन मेें पहुंचने का आह्वान किया गया।
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baghpat police - फोटो : अमर उजाला
रूट डायवर्ट, औद्योगिक पुलिस चौकी जाम हुई तो डिपो से दिल्ली रवाना होंगी बसें
घाटे से बचने के लिए शुक्रवार को पूरे दिन रोडवेज विभाग रणनीति बनाने में जुटा रहा। बड़ौत डिपो में निगम की 77 व अनुबंधित 45 बसें संचालित है। बस संचालन प्रभारी नरेंद्र मान का कहना था कि पहले ही रोडवेज कोरोना काल मेें बंदी और धरने-प्रदर्शन से काफी घाटा झेल चुका है। शनिवार को खाप चौधरियों द्वारा बंद के एलान को लेकर घाटे से बचने के लिए रणनीति बनाई गई है।

ये बनाई गई रणनीति
- शामली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर की ओर जाने वाली बसों का संचालन दिल्ली बस स्टैंड से कराया जाएगा। चालक-परिचालकों को बसें लेकर शुक्रवार को ही बड़ौत डिपो से निर्देशित कर भेज दिया गया है।
- जो बसें दिल्ली की ओर संचालित है, उनका संचालन दिल्ली बस स्टैंड की बजाए बड़ौत डिपो से होगा।
- दिल्ली की ओर से बड़ौत, शामली व अन्य जगहों के लिए आने वाली वाली बसों का संचालन नथैला मोड़ वाया लुहारी-जौनमाना व बड़ौत से कराया जाएगा।
-सभी बसों में पेट्रोल भरवा दिया गया है। किसी भी बस को बड़ौत डिपो पर आने की जरूरत नहीं है। बसों के संचालन की देखरेख को कर्मचारियों की ड्यूटी लगा दी गयी है।

हरियाणा और पंजाब के किसानों को रोकने के लिए आरआरएफ तैनात
पंजाब और हरियाणा के किसानों को वाया ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस वे (ईपीई) से दिल्ली जाने से रोकने के लिए आरआरएफ के जवान तैनात किए गए है। यह जवान वाहनों की तलाशी लेने के बाद ही आगे बढ़ने दे रहे है।

गुरुवार को हरियाणा और पंजाब के काफी किसान और सेवादार दिल्ली जाने के लिए ईपीई पर पहुंचे थे। उन्हें हरियाणा यूपी के बॉर्डर पर तैनात बागपत पुलिस प्रशासन ने रोक लिया था। करीब एक घंटे बाद पूछताछ कर उन्हे ईपीई से दिल्ली भेजा गया था।

शुक्रवार को ईपीई पर बॉर्डर के पास आरआरएफ के जवान तैनात किए गए। एसडीएम अजय कुमार का कहना है कि हरियाणा और पंजाब के किसानो को ईपीई से होकर किसी भी कीमत पर दिल्ली नहीं जाने दिया जाएगा।
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