यह होता है थांबेदार
बता दें कि खाप व्यवस्था का शब्द है। देश खाप 84 गांव की है। व्यवस्था संचालन के लिए इन 84 गांव को टुकड़ों में बांटकर उन पर एक-एक चौधरी बनाया जाता है, जिसे थांबेदार कहा जाता है।
उधर, खाप चौधरियों के साथ बैठक के दौरान पत्रकारों से बातचीत करते हुए भाकियू राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि सरकार हठधर्मिता कर रही है। अब तक छह दौर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। सरकार को सर्वदलीय बैठक बुलाकर किसानों की समस्या का हल निकालना चाहिए।
उन्होंने कहा कि आज किसानों के आंदोलन का 21वां दिन हो चुके हैं, किसान सर्दी के मौसम में खुले आसमान के नीचे पड़ें हैं, लेकिन सरकार कोई ध्यान नहीं दे रही है। कहा कि सरकार चाहती है कि किसानों में टकराव पैदा हो। किसान टकराव नहीं चाहते, वे अपनी समस्याओं का समाधान चाहते हैं। सरकार इस मामले को मामूली मानकर चल रहा है जबकि यह गंभीर मामला है।