मेरठ में सरधना क्षेत्र के भामौरी गांव में एक किसान की बुखार से मौत हो गई। इस बीच सरधना के एक चिकित्सक पर किसान की कोरोना से मौत की अफवाह फैलाने का आरोप है। परिजन शव लेकर गांव आए तो लोगों ने अर्थी को कंधा देने में आनाकानी की। परिजनों ने जैसे तैसे किसान का अंतिम संस्कार किया। किसान के बेटे ने अपने इस दर्द को सोशल मीडिया पर साझा किया है।
सरधना के भामौरी गांव निवासी अभिषेक सोम हरिद्वार स्थित एक कंपनी में काम करता है। उसने बताया कि उसके पिता राजेश्वर राणा (55 वर्ष) कई दिनों से बुखार से पीड़ित थे। पहले उन्हें सरधना और फिर कंकरखेड़ा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया। यहां कोरोना की जांच कराई तो रिपोर्ट निगेटिव आई। प्लेटलेट्स कम होने पर कराई जांच में किसान को डेंगू की पुष्टि हुई। इस पर परिजनों ने उन्हें ऋषिकेश, उत्तराखंड के अस्पताल में भर्ती कराया। यहां उपचार के दौरान रविवार को राजेश्वर की मौत हो गई। वे शव लेकर गांव पहुंचे।
अभिषेक ने बताया कि गांव में उनके पिता की मौत कोरोना से होने की चर्चा चल रही थी। अभिषेक का आरोप है कि गांव में अफवाह सरधना के जिस अस्पताल में पिता को भर्ती कराया गया था, वहां के एक चिकित्सक ने फैलाई है। इस अफवाह के बाद गांव का कोई भी आदमी उनके घर नहीं आया न ही अर्थी आदि क्रियाएं कराने में सहयोग किया। इसलिए उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। परिवार के लोगों ने जैसे तैसे अर्थी को कंधा दिया। गांव के श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया।
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अभिषेक सोम ने सोशल मीडिया पर अपने दर्द का साझा किया है। वहीं परिजन उक्त चिकित्सक के खिलाफ कार्रवाई की बात कह रहे हैं। वहीं अस्पताल संचालक ने आरोपों को बेबुनियाद बताया है। इस संबंध में सरधना सीएचसी प्रभारी डॉ. राजेश कुमार ने बताया कि राजेश्वर राणा की मौत डेंगू जैसे लक्षण वाले बुखार से हुई है। कोरोना से मौत की पुष्टि नहीं हुई है।
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