बिजनौर जनपद में जिला महिला अस्पताल में एक नवजात की जान स्वास्थ्य कर्मियों की संवेदनहीनता की भेंट चढ़ गई। प्रसव का समय नजदीक आने के बावजूद गर्भवती को दो दिन तक भर्ती नहीं किया गया। शुक्रवार को महिला को लेकर परिजन जिला महिला अस्पताल पहुंचे, तो प्रसव पीड़ा होने लगी। एक घंटे तक महिला तड़पती रही, मगर उसे भर्ती नहीं किया। फिर शौचालय में ही प्रसव होने पर नवजात की मौत हो गई। स्वास्थ्य कर्मियों की इस घोर लापरवाही पर परिजनों ने जमकर हंगामा किया और सीएमओ को शिकायत पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
नजीबाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम कनकपुर कला निवासी बलराम सिंह ने प्रसव पीड़ा होने पर अपनी पत्नी रिंकी (24) को 31 अक्तूबर को 108 एंबुलेंस से नजीबाबाद के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया। वहां से उसे जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया था। बलराम ने बताया कि जिला महिला अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच करने के बाद कह दिया कि अभी अस्पताल में सभी बेड फुल हैं। ऑपरेशन से ही प्रसव कराने की बात कहकर उसे घर भेज दिया गया। शुक्रवार को वह सुबह लगभग सात बजे फिर से अपनी पत्नी को साथ लेकर जिला महिला अस्पताल में पहुंचा। आरोप है कि वहां पर नर्स के अलावा कोई डॉक्टर ड्यूटी पर नहीं मिली। गर्भवती पिंकी की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने बार-बार मिन्नत की, इसके बाद भी अस्पताल स्टाफ ने उनकी मदद नहीं की। वह यूरिन के लिए शौचालय गई तो वहीं पर प्रसव हो गया, जिसमें नवजात की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने जिला महिला अस्पताल में जमकर हंगामा किया और दोषी चिकित्सकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।