उधर, जवान बेटे को तिरंगे में लिपटा देख परिजन बिलख पड़े। मां का रो-रोकर बुरा हाल था और वे बार-बार बेहोश हो रही थी। वहीं, बेटे की मौत से पिता भी सदमे में हैं। रोहित की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए शास्त्री नगर के-ब्लाक निवासी मनोज की हालत चिंताजनक बनी हुई है। इसके अलावा थार निवासी दिल्ली के अदनान और रोहतास गर्ग हादसे के बाद से ही दिल्ली रेफर हो गए थे, जिनका वहीं पर उपचार चल रहा है।
बता दें कि बृहस्पतिवार रात तेज रफ्तार बलेनो कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर पार करते हुए दूसरी तरफ से आ रही थार गाड़ी से टकरा गई थी, जिसमें बलेनो सवार सेना के जवान रोहित और छात्र हर्ष की मौत हो गई थी।
इकलौते बेटे का शव देख बेहोश हुए पिता
हर्ष के पिता शेरपाल सेना से रिटायर है। बड़ी बेटी नेहा की शादी कुछ साल पहले हो चुकी है। हर्ष इकलौता बेटा था, जो फिलहाल बीसीए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। दोपहर के समय पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही उसका शव मेल्फोर्ड सिटी कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचा तो उसके पिता शेरपाल बेहोश हो गए। वहां पर मौजूद लोगों ने किसी तरह उन्हें संभाला। वह बार-बार बेटे के शव को देखकर बिलख रहे थे।
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार।
- फोटो : अमर उजाला
रोहित का बड़ा भाई भी सेना में तैनात
रोहित दो भाइयों में छोटा था, जो सेना की आर्मी मेडिकल कोर में तैनात था और फिर लेह लद्दाख में तैनाती थी। वह कुछ दिन पहले ही छुट्टी लेकर घर आया था। रोहित का बड़ा भाई राहुल भी सेना में कोलकाता में तैनात है। रोहित की मौत का पता चलते ही वह फ्लाइट से शुक्रवार सुबह घर पहुंचा। दोनों भाइयों में से अभी किसी की भी शादी नहीं हुई थी।
गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार।
- फोटो : अमर उजाला
विधायक अमित अग्रवाल भी पहुंचे सांत्वना देने
दोपहर के समय विधायक अमित अग्रवाल भी रोहित और हर्ष के घर पहुंचे, जिन्होंने दोनों के परिजनों को सांत्वना दी। साथ ही हर संभव मदद का आश्वासन दिया। इसके अलावा रिश्तेदार समेत अन्य लोगों का भी तांता लगा रहा। एक कॉलोनी से दो चिता उठने से हर किसी की आंखें नम हो रही थी।
फतेहपुर पुट्ठी के सैनिक का राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार
बागपत में बिनौली के फतेहपुर पुट्ठी गांव में शुक्रवार शाम सैनिक रोहित तोमर के शव का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मेरठ स्थित 12 जाट रेजिमेंट मेरठ से सूबेदार देवेंद्र कुमार, नायक मदन बोरावट, दीपक कुमार, कैलाश कुमार, एएमसी मेरठ से विवेक कुंडु, आरएस मेहरा आदि सैनिक के तिरंगे मे लिपटे शव को लेकर गांव फतेहपुर पुट्ठी में पहुंचे। जहां अंतिम दर्शन के लिए ग्रामीणों की भीड़ उमड़ पड़ी। छोटे भाई मेडिकल कोर में सैनिक राहुल तोमर ने मुखाग्नि दी। वहीं पिता श्रवण सिंह, मां सुनीता आदि परिवार के लोगों का रोते रोते बुरा हाल था।