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नकली पेट्रोल-डीजल का भंडाफोड़: तेल के काले खेल में बैकफुट पर नौकरशाह

Thu, 22 Aug 2019 11:42 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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नकली पेट्रोल-डीजल - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ समेत वेस्ट यूपी में लंबे समय से अधिकांश पेट्रोल पंपों पर नकली पेट्रोल-डीजल बिक रहा है। जिम्मेदार विभाग के अधिकारी चादर तानकर सोये रहे या फिर इस काले कारोबार को खुली आंखों से देखते रहे। पुलिस ने नकली तेल के खेल में अवैध कारोबार की पोल खोलकर तीन पेट्रोल पंपों को सील कराया। लेकिन सात घंटे में नौकरशाहों को बैकफुट पर आना पड़ा। 
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नकली तेल के अवैध धंधे में शहर के कई रईसजादे भी शामिल है। पुलिस ने बुधवार को तीन पेट्रोल पंप सील कर आपूर्ति विभाग की भी पोल खोली। पुलिस की जांच सप्लाई इंस्पेक्टरों पर मिलीभगत की ओर बढ़ी थी। शहर के रहीसजादों और नौकरशाह की गर्दन फंसी तो हाईकमान तक मामला पहुंचा। नतीजा सात घंटे में पुलिस-प्रशासन को बैकफुट पर आना पड़ा। सवाल है कि आमजन को कैसे कालाबाजारी से मुक्ति मिल पाएगी।
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दस साल से तेल चोरी का अवैध धंधा चल रहा था। इस काले कारोबार में सरकारी मशीनरी की भी मिलीभगत के आरोप लगे हैं। नकली डीजल व पेट्रोल वेस्ट और पड़ोसी राज्यों में सप्लाई हो रहा था। मिलावटखोरों के पकड़े जाने के बाद शहर के तीन पेट्रोल पंपों पर डीजल व पेट्रोल की जांच की गयी। जांच में नकली साबित होने के बाद पेट्रोल पंपों पर सील लगा दी गयी। जिलापूर्ति अधिकारी विकास गौतम ने आरोपों से पल्ला झाड़ा है।

दो मुकदमे दर्ज कराए 
जिलापूर्ति अधिकारी विकास गौतम का कहना है कि तीन पेट्रोल पंपों को सील किया है। अन्य पेट्रोल पंपों पर डीजल व पेट्रोल की जांच के लिए टीम बनाई हैं। जहां भी तेल में मिलावट मिलेगी, उन्हें सील करके एफआईआर दर्ज होगी। जनता की शिकायत या रूटीन में पेट्रोल पंपों की जांच होती रही है।

गड़बड़ मिलने पर कार्रवाई भी की गयी थी।  विभाग ने तीनों पेट्रोल पंपों से पेट्रोल-डीजल के सैंपल लिए हैं। एक बोतल जांच के लिए लैब जाएगी। एक पुलिस के पास और तीसरी प्रशासन के पास है। सैंपल रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी। विभाग की तरफ से दो मुकदमे दर्ज कराए हैं। 
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एसआईटी गठित, रासुका लगाने की भी तैयारी 
तेल माफियाओं की जडे़ कहां तक फैली हैं, इसकी परतें खोलने के लिए एसआईटी गठित की गई। एसएसपी के निर्देश पर एसपी देहात अविनाश पांडेय को एसआईटी का प्रभारी बनाया गया। टीम में दो इंस्पेक्टर और एक मुंशी जांच पड़ताल करेंगे। वहीं, तेल माफियाओं पर रासुका लगाने की तैयारी चल रही है। 

नकली पेट्रोल-डीजल बनाकर राजस्व को चूना लगाने के साथ-साथ आमजन के वाहनों को खटारा बनाया जाने वाले आरोपियों पर रासुका की कार्रवाई होगी। नकली तेल से प्रदूषण भी ज्यादा फैल, जिससे लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ हुआ है। इसको देखते पुलिस-प्रशासन ने बुधवार को इसकी रिपोर्ट शासन को भेजकर तेल माफियाओं के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर ली। 

एसआईटी (स्पेशल इंवेस्टीगेशन टीम) के प्रभारी आईपीएस एसपी देहात अविनाश पांडेय को बनाया गया। जिसमें दो इंस्पेक्टर और एक मुंशी को लगाया है जोकि तेल माफियाओं की परत दर परत खोलेंगे। पुलिस के अनुसार जो तेल माफियाओं के साथ शामिल हैं, उसकी पोल एसआईटी की जांच पड़ताल में खुलेगी। आरोपियों का नेटवर्क भी पुलिस खंगालने में जुटी है। 
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