शासन की ओर से गठित एसआईटी की रिपोर्ट से पहले मेरठ में पुलिस प्रशासन के अधिकारियों में बेचैनी हो रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को शनिवार को रिपोर्ट सौंपी जा सकती है। कई अधिकारी अपनी गर्दन बचाने के लिए लखनऊ में फोन घनघना रहे हैं।
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परतापुर क्षेत्र में पारस और गणपति केमिकल में मिलावटी तेल का आईजी आलोक सिंह के निर्देश पर क्राइम ब्रांच टीम ने 20 अगस्त को भंडाफोड़ किया था। मिलावटी तेल की जांच और कार्रवाई को लेकर पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों में मतभेद था। इसकी शिकायत पर शासन स्तर से एसआईटी गठित की गई। एसआईटी शामिल एडीजी इंटेलीजेंस एसबी शिरोडकर, आईजी एसटीएफ अमिताभ यश और कृषि एवं खाद्य विभाग के आयुक्त मनीष चौहान जांच करने मेरठ आए थे। आईजी मेरठ आलोक सिंह का कहना है कि एसआईटी ने जांच पूरी कर ली है।
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चौंकाने वाली आएगी रिपोर्ट
सूत्रों के मुताबिक एसआईटी ने मिलावटी तेल के मामले में जिला आपूर्ति विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। पुलिस और प्रशासन के किसी भी अधिकारी की भूमिका पर सवाल नहीं उठाए। मिलावटी तेल की जांच में पुलिस ने कहां चूक की, इसका भी जिक्र रिपोर्ट में है।
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