फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी आईएएस पकड़ा: प्रमुख सचिव बनकर रौब गालिब करता था राहुल कौशिक, अफसरों से फोन पर दो आवाजों में करता था बात

Thu, 12 Mar 2026 09:41 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, मेरठ

सार

Meerut News: फूलबाग कॉलोनी निवासी राहुल कौशिक खुद को 2008 बैच का आईएएस बताता था। उसकी घर पर भी फर्जी नेम प्लेट लगी थी। शराब के नशे में वह बहक गया और पुलिस के आला अधिकारी को फोन कर दिया। जांच में उसकी पोल खुल गई। 
विज्ञापन
आरोपी राहुल कौशिक। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

नौचंदी थाना पुलिस ने खुद को प्रमुख सचिव व आईएएस अधिकारी बनकर रौब गालिब करने पर फूलबाग कॉलोनी निवासी राहुल कौशिक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने बृहस्पतिवार देर फूलबाग कॉलोनी में शराब पीकर हंगामा किया और खुद को प्रमुख सचिव बताकर एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को कॉल की। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसके घर के बाहर लगी उप सचिव भारत सरकार की नेम प्लेट भी बरामद कर ली।
विज्ञापन

 

एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात राहुल कौशिक शराब पीकर हंगामा कर रहा था। इसका पड़ोसियों ने विरोध किया। वह खुद को आईएएस अधिकारी बताकर हंगामा करने लगा और पड़ोसियों को जेल भिजवाने की धमकी देने लगा। राहुल कौशिक ने इसी दौरान एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी को कॉल कर दी। 
 

उसने खुद को प्रमुख सचिव बताते हुए पड़ोसियों पर कार्रवाई की मांग की। सूचना पर नौचंदी थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने जांच पड़ताल की तो पता चला कि राहुल कौशिक रौब गालिब करने के लिए आईएएस अधिकारी बनकर कॉल करता था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी राहुल कौशिक ने पुलिस को बताया है कि उसका भारतीय पोस्टल अधिकारी के रूप में चयन हो गया था, लेकिन किसी वजह से वह ज्वॉइन नहीं कर पाया था। 
 

हालांकि अधिकारियों ने इसकी अभी पुष्टि नहीं की है। राहुल कौशिक के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोपी बीएनएस की धारा 318(4), प्रतिरूपण द्वारा छल करने पर धारा 319(2) और फर्जी दस्तावेज का प्रयोग करने पर धारा 336 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।
 

आवाज बदलकर खुद ही सहायक और खुद बनता था अफसर
सीओ अभिषेक तिवारी ने बताया कि राहुल कौशिक रौब गालिब करने के लिए अधिकारियों की स्टाइल में बात करता था। वह खुद ही अधिकारियों के सरकारी सीयूजी नंबर पर कॉल कर कहता था कि मैं प्रमुख सचिव या उप सचिव का सहायक बोल रहा हूं साहब बात करेंगे। इसके बाद खुद ही आवाज बदलकर अधिकारी बनकर रौब गालिब करता था। कई अधिकारी राहुल की बातों में आकर उसका कहना भी मान लेते और उसके बताए काम भी कर देते थे। राहुल कई बार पुलिस कंट्रोल रूम डायल 112 पर कॉल कर झूठी शिकायतें दर्ज करा चुका था।
 
विज्ञापन

पहले से दर्ज हैं प्राथमिकी
थाना लालकुर्ती में 2017 में आरोपी राहुल कौशिक पर आईटी अधिनियम की धारा 67 के तहत मामला किया था। इसके अंतर्गत सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री पोस्ट करने का मामला बनता है। इसी थाने में वर्ष 2014 में हत्या का प्रयास, दहेज उत्पीड़न और धोखाधड़ी आदि धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। बताया गया है कि राहुल कौशिक का तभी पत्नी से विवाद चल रहा है और वह फिलहाल अकेला रहता है।

ये भी देखें...
Meerut: भाजपा नेत्री डॉ. सरोजनी अग्रवाल के मेडिकल कॉलेज में सीबीआई का छापा, आठ घंटे तक की जांच, रिकार्ड खंगाले

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें