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फर्जी डिग्री और असली मरीज, दिल से दिमाग तक सबका इलाज

Tue, 05 Aug 2025 12:09 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मेरठ
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बिजनौर। स्वास्थ्य विभाग भी आंखें बंद कर निजी अस्पतालों का पंजीकरण कर रहा है। इसका अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि फर्जी डिग्रियों के आधार पर डॉ. अनुराग झा कई अस्पतालों में कहीं कार्डियोलॉजिस्ट, न्यूरोलॉजिस्ट तो कहीं फिजीशियन बनकर मरीजों का इलाज करता रहा। इतना सब होने के बाद भी अधिकारी बेखबर बने रहे।
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जिला मुख्यालय के एक निजी अस्पताल में डॉ. अनुराग झा फिजीशियन के रूप में कार्यरत था। अस्पताल पंजीकरण के पैनल में चिकित्सक का नाम था। इसके बाद धामपुर के एक अस्पताल में काम करने लगा। अब जांच में चिकित्सक की सभी डिग्रियां फर्जी मिली हैं। चिकित्सक पर दर्ज एफआईआर में एएन केयर एंड क्योर हॉस्पिटल, धामपुर का पता लिखा है। जबकि, यह डॉक्टर बिहार की तरफ का रहने वाला है। इसी बीच अब एक साल पहले रेडियोलॉजिस्ट बन अल्ट्रासाउंड सेंटर के आवेदन के लिए अपने कागजात लगाए। इससे साफ जाहिर है कि कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग की शह पर फर्जी डिग्रियों के आधार पर डॉक्टर का खेल चलता रहा।
कई हॉस्पिटल के आयुष्मान पैनल में भी था डॉ. अनुराग झा का नाम
स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के अनुसार डॉ. अनुराग झा का नाम आयुष्मान पैनल में भी जुड़ा था। डॉक्टर एक नहीं, बल्कि कई अस्पतालों के संपर्क में था। आयुष्मान योजना का पोर्टल एवं नियम बदलने की वजह से चिकित्सक आयुष्मान पैनल से हटा दिया गया।
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कितने मरीजों की जान से किया होगा खिलवाड़
अस्पतालों में विशेषज्ञों के तौर पर डॉ. अनुराग झा ने मरीजों का इलाज किया। जब उसके पास डिग्रियां ही फर्जी थी तो मरीजों का इलाज ठीक कैसे किया होगा। इलाज के दौरान मरीजों की जान से खिलवाड़ किया।
ऑनलाइन आवेदन के फेर में फंसा डॉक्टर
पिछले एक साल पहले तक तक अल्ट्रासाउंड के लिए ऑफलाइन आवेदन किया जाता था। लेकिन अब ऑनलाइन आवेदन किया जा रहा है। ऑनलाइन आवेदन होने के बाद कागजों का सत्यापन भी किया जा रहा है। चांदपुर के शांति अल्ट्रासाउंड सेंटर का एक साल पहले ही ऑफलाइन आवेदन किया था। जबकि, पांच माह पहले नूरपुर के वरदान अल्ट्रासाउंड सेंटर के लिए प्यारी बिटिया डॉट कॉम पर आवेदन किया था। जिसके बाद ही कागजों की जांच शुरू हुई।
चांदपुर में डॉ. अनुराग झा को अल्ट्रसाउंड सेंटर का पंजीकरण उनसे पहले मिला था। नूरपुर के अल्ट्रसाउंड सेंटर के पंजीकरण के बाद कागजों का सत्यापन कराया गया। वर्तमान में किसी अस्पताल में डॉक्टर पंजीकरण पैनल में शामिल है या नहीं। इसकी अभी जांच चल रही है। - डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
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