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यूपी: कमिश्नर बताकर 28 लाख की ठगी, पुलिस जांच में निकला इंस्पेक्टर

Tue, 09 Jul 2019 02:02 AM IST
कपिल kapil न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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यूपी पुलिस
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मेरठ में हॉस्पिटल खुलवाने का झांसा देकर और खुद को आयकर कमिश्नर बताकर 28 लाख रुपये ठगने के आरोप का मामला सोमवार को सिविल लाइन थाने पहुंचा। लोगों ने हंगामा कर तहरीर दी। पुलिस ने जांच में आरोपी को इंस्पेक्टर बताया। 

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रुड़की निवासी अंचित गोयल ने पुलिस को आरोप लगाते हुए बताया कि उनकी रुड़की में काफी कीमती जमीन है, जिस पर उन्होंने बिजनेस के लिए लोन लेने की योजना बनाई थी। काफी लोगों से उनकी मुलाकात हुई। इसी बीच करीब एक साल पहले उनकी एक शख्स से मुलाकात हुई, जिसने खुद को साकेत निवासी और आयकर विभाग में कमिश्नर बताया।

दावा किया कि उसकी पहुंच सरकारी महकमों और सरकार में काफी ऊपर तक है। वह एक साल के भीतर उनका काम करा देगा। बात आगे बढ़ी और आरोपी युवक ने उनकी व उनके सभी पार्टनर की मुलाकात दिल्ली स्थित होटल में संदीप नाम के शख्स से कराई। संदीप ने बताया कि इतने बड़े लोन के लिए उन्हें एक कंपनी हायर करनी होगी। बात आगे बढ़ती गई और कागजी प्रक्रिया शुरू हो गई। एक अस्पताल के एमडी को भी इन लोगों ने अपने साथ जोड़ने की बात कही। 
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अंचित गोयल ने आरोप लगाया कि वह उसके बिछाए जाल में फंसते चले गए। करीब आठ माह में उन्होंने चेक, कैश व बैंक ट्रांसफर के जरिए करीब 28 लाख रुपये आरोपी को सौंपे। लेकिन काम होता फिर भी दिखाई नहीं दिया।

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विभागीय अफसरों से मिले तो हुआ खुलासा
अंचित ने बताया कि आठ माह का समय बीतने पर उन्हें कुछ शक हुआ। वह अपने साथियों को लेकर पहले मेरठ आयकर ऑफिस और फिर आयकर कमिश्नर लखनऊ से मिले। उन्होंने उस कमिश्नर के बारे में वहां जानकारी जुटाने की कोशिश की तो पता चला कि ऐसा कोई अफसर विभाग में है ही नहीं। यह सुनकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। उन्होंने फर्जी कमिश्नर से संपर्क किया तो वह शुरुआत में हंसी में बात टालता रहा। लेकिन धीरे-धीरे उसने उनसे दूरियां बनानी शुरू कर दीं। वर्तमान में वह उनकी कॉल भी रिसीव नहीं कर रहा है। 

आरोपी कमिश्नर नहीं, इंस्पेक्टर है 
पुलिस ने इसकी जांच की, जिसमें पता चला कि जिस युवक पर ठगी का आरोप है वह आयकर विभाग में कमिश्नर नहीं, इंस्पेक्टर है। लेकिन सवाल उठता है कि वह नीली बत्ती लगाकर कैसे चलता है। नीली बत्ती लगी होने के चलते ही उसके कमिश्नर होने पर विश्वास हो जाता था। बताया गया कि आरोपी की पुलिस विभाग में भी अच्छी घुसपैठ है, जिस कारण उसके खिलाफ पूर्व में की गई शिकायतें दबकर रह गईं। 

तहरीर पर चल रही जांच
तहरीर के आधार पर जांच चल रही है। जांच में आरोपी इंस्पेक्टर है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - अब्दुर रहमान सिद्दीकी, इंस्पेक्टर सिविल लाइन

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