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तेल का खेल, स्पोर्ट्स गुड्स और अब नकली पुस्तकों का मेल, मेरठ में हर तीसरे दिन सामने आ रहे फर्जीवाड़े

Sun, 23 Aug 2020 07:10 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
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जांच करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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मेरठ में एक साल पहले हुए तेल के खेल के खुलासे की गूंज शासन तक हुई थी। उसके बाद खेल का नकली सामान पकड़े जाने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। अब एसटीएफ ने करोड़ों कीमत की एनसीईआरटी की नकली किताबें बरामद की तो गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
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इस पूरे प्रकरण में पुलिस-प्रशासन की भूमिका पर भी प्रश्नचिह्न लग रहा है। इस तरीके का कारोबार थाना क्षेत्रों में लगातार चलता रहा। कहीं पुलिस तो कहीं सियासी संरक्षण से फर्जीवाड़े धड़ल्ले से चल रहा है। करीब एक साल पहले काले तेल के खेल का खुलासा हुआ था। लेकिन तमाम जांच और भागदौड़ के बावजूद कार्रवाई सिर्फ जिला आपूर्ति अधिकारी पर ही हुई।

खेल के सामान की बात करें तो मेरठ बहुत बड़ी स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज है। लेकिन यहां लगातार स्पोर्ट्स का नकली सामान बरामद किया जा रहा है। नकली सामान को तैयार कर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर उन्हें दूसरे राज्यों तक बेचा और सप्लाई किया जा रहा है।
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वहीं, एसटीएफ ने शुक्रवार को परतापुर क्षेत्र में भाजपा नेता संजीव गुप्ता के गोदाम पर छापा मारते हुए एनसीईआरटी की करीब 8.50 लाख से ज्यादा नकली किताबें बरामद की हैं। वहीं, करीब नौ लाख किताबें गजरौला में बरामद की गईं। यह मामला भी शासन तक पहुंच गया है। 

खूब मिला संरक्षण
साल 2015 में संजीव गुप्ता की औद्योगिक एरिया स्थित प्रिंटिंग प्रेस पर टीपी नगर पुलिस ने छापा मारा था। उस समय भी वहां एनसीईआरटी की किताबें मिली थीं। मुकदमा भी दर्ज हुआ था। लेकिन सियासी दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। उसके बाद संजीव गुप्ता ने इस फर्जीवाड़े का दायरा बढ़ा लिया। 

लगातार छापे,  नेटवर्क नहीं तोड़ा
मेरठ में एनसीईआरटी की नकली किताबें पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं। साल 2013 में क्राइम ब्रांच ने कोतवाली क्षेत्र के गोलाकुआं व लिसाड़ीगेट के पास राशिद वाली गली में दो स्थानों पर छापा मारकर नकली किताबें पकड़ी थीं।

इसके बाद साल 2015 में मेरठ के प्रतिष्ठित दो प्रकाशन समूह की शिकायत पर भाजपा नेता संजीव गुप्ता की ही प्रिंटिंग प्रेस पर ही करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की किताबें पकड़ी गईं। इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। साल 2013 में सपा के एक मंत्री भी आरोपियों की सिफारिश में उतर आए थे।
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