वहीं, एसटीएफ ने शुक्रवार को परतापुर क्षेत्र में भाजपा नेता संजीव गुप्ता के गोदाम पर छापा मारते हुए एनसीईआरटी की करीब 8.50 लाख से ज्यादा नकली किताबें बरामद की हैं। वहीं, करीब नौ लाख किताबें गजरौला में बरामद की गईं। यह मामला भी शासन तक पहुंच गया है।
खूब मिला संरक्षण
साल 2015 में संजीव गुप्ता की औद्योगिक एरिया स्थित प्रिंटिंग प्रेस पर टीपी नगर पुलिस ने छापा मारा था। उस समय भी वहां एनसीईआरटी की किताबें मिली थीं। मुकदमा भी दर्ज हुआ था। लेकिन सियासी दबाव में कोई कार्रवाई नहीं हो पाई थी। उसके बाद संजीव गुप्ता ने इस फर्जीवाड़े का दायरा बढ़ा लिया।
लगातार छापे, नेटवर्क नहीं तोड़ा
मेरठ में एनसीईआरटी की नकली किताबें पहले भी पकड़ी जा चुकी हैं। साल 2013 में क्राइम ब्रांच ने कोतवाली क्षेत्र के गोलाकुआं व लिसाड़ीगेट के पास राशिद वाली गली में दो स्थानों पर छापा मारकर नकली किताबें पकड़ी थीं।
इसके बाद साल 2015 में मेरठ के प्रतिष्ठित दो प्रकाशन समूह की शिकायत पर भाजपा नेता संजीव गुप्ता की ही प्रिंटिंग प्रेस पर ही करीब 5 करोड़ रुपये मूल्य की किताबें पकड़ी गईं। इसके बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई। साल 2013 में सपा के एक मंत्री भी आरोपियों की सिफारिश में उतर आए थे।