- छालों भरे पैरों से शिवधाम की ओर बढ़ते रहे कांवड़िये
संवाद न्यूज एजेंसी
सरधना। चौधरी चरण सिंह कांवड़ पटरी मार्ग पर सावन की रिमझिम फुहारों के बीच शिवभक्तों की आस्था चरम पर है। बारिश, फिसलन, भीगे कपड़े और पैरों में पड़े छालों के बावजूद कांवड़ियों के कदम नहीं रुके। हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष के साथ हजारों श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने-अपने गंतव्य की ओर लगातार बढ़ रहे हैं। सलावा, सरधना, नानू, अटेरना, भलसोना और पूठखास पुल तक पूरी गंगनहर पटरी भगवामय नजर आ रही है।
हर ओर शिव भजनों, डीजे पर बज रहे हरियाणवी और भोजपुरी भक्ति गीतों तथा भगवान भोलेनाथ के जयकारों से वातावरण शिवमय बना हुआ है। लोग इन कांवड़ के साथ फोटो और सेल्फी लेते भी दिखाई दे रहे हैं। कांवड़ मार्ग पर जगह-जगह सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं के भोजन, विश्राम, चिकित्सा और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था की गई है।
मासूम में भी दिखी शिवभक्ति की शक्ति
कांवड़ यात्रा में युवाओं और बुजुर्गों के साथ छोटे-छोटे बच्चे भी पूरे उत्साह के साथ शामिल हैं। यमन, शिवम, रश्मिता, वंश और अमन जैसे कई मासूम श्रद्धालु सैकड़ों किलोमीटर की यात्रा को भगवान शिव का आशीर्वाद मानकर पूरी श्रद्धा से तय कर रहे हैं। अलवर, हरियाणा और दिल्ली सहित विभिन्न राज्यों से आए ये श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल लेकर अपने गांव और शहरों के शिवालयों में जलाभिषेक करने जा रहे हैं।
300 किलोमीटर की दूरी करेंगे तय
हरियाणा के जनपद झज्जर निवासी हर्षित पाल ने बताया कि वह पहली बार कांवड़ लेकर आए हैं। साथियों के साथ भगवान भोलेनाथ की कृपा से पूरी यात्रा संपन्न होगी। राजेश्वर सिंह और सुखराम गुर्जर ने बताया कि वह दूसरी बार कांवड़ यात्रा कर रहे हैं। 11 सदस्यों की टोली लगभग 14 दिन में यात्रा पूरी करेगी। उनका कहना है कि यदि मन में अटूट श्रद्धा हो तो 300 किलोमीटर की दूरी का एहसास भी नहीं होता। रास्ते में विश्राम करते हुए भगवान भोलेनाथ और मां गंगा की कृपा से पूरी यात्रा सहज हो जाती है।
सरधना। चौधरी चरण सिंह गंग नहर पटरी मार्ग पर कांवड़ लेकर गुजरते शिवभक्त। संवाद