इस काम के लिए आशा कार्यकर्ता को प्रतिकार्ड निश्चित धनराशि प्रोत्साहन के रूप में सीधे उनके बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी। उन्होंने बताया आशा कार्यकर्ताओं को मोबाइल एप का प्रशिक्षण देने के लिए ब्लाक में तैनात ब्लाक कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर (बीसीपीएम) को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित किया गया है।
ऐसे होगा फेस ऑथेंटिकेशन
फेस ऑथेंटिकेशन एप्लीकेशन मोबाइल एप पर केवाईसी के माध्यम से लाभार्थी का चिन्हांकन और उसका आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए आधार कार्ड के आधार पर उसकी पहचान की जाएगी। फिर विभिन्न प्रक्रिया से गुजरते हुए सभी जरूरी जानकारी एप पर दिए गए फार्म में भरनी होगी।
इसके लिए चार डिजिट का एक पिन जनरेट होगा और छह डिजिट का ओटीपी वनटाइम पासवर्ड आएगा। यह प्रक्रिया पूरी करने के बाद यह पता चल जाएगा कि संबंधित व्यक्ति योजना का पात्र हैं कि नहीं। यदि वह व्यक्ति पात्र होंगे तो फेस ऑथेंटिकेशन के आधार पर उनका आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। इस कार्य का किसी लाभार्थी को कोई शुल्क नहीं देना है।
किसी को न दें ओटीपी और पिन की जानकारी
सीएमओ डॉ. अखिलेश मोहन ने बताया कि लोगों से अपील है कि क्षेत्रीय आशा के अलावा किसी अनजान व्यक्ति को फोन पर ओटीपी अथवा पिन की जानकारी नहीं देनी है। कई बार योजनाओं के एप जारी होते ही ठग सक्रिय हो जाते हैं।