दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे में किसानों के एक समान मुआवजे का मामला केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी तक पहुंच गया है। प्रशासन ने किसानों को 13 जुलाई को परिवहन मंत्री से मिलवाने का आश्वासन दिया था। इसके बाद किसानों ने एक्सप्रेसवे का कार्य चलने दिया परंतु धरना जारी रखा। रविवार को मुरादाबाद गांव में किसानों ने धरनास्थल पर रणनीति बनाई। उधर, प्रशासन का कहना है कि किसानों की सोमवार को बागपत सांसद सत्यपाल सिंह की उपस्थिति में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कराई जाएगी।
एक्सप्रेसवे में किसानों के एक समान मुआवजे समेत 11 मांगों को लेकर फैसला लिया जाना है। किसान बीते एक वर्ष से मुआवजे की मांग कर रहे हैं परंतु उचित हल नहीं निकल सका है। जिससे किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो किसी भी कीमत पर कार्य नहीं होने देंगे। बीती 11 जून को 26 गांवों के किसानों ने प्रदर्शन करके एक्सप्रेसवे का कार्य रुकवा दिया था। हालांकि, अधिकारियों ने मुरादाबाद गांव पहुंचकर किसानों को 13 जुलाई तक समस्या निस्तारण का समय दिया था। इसमें किसानों के एक समान मुआवजे, सर्विस रोड समेत 11 मांगों पर विमर्श किया जाएगा। बैठक में मेरठ इलाके के किसान प्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे।
यह भी पढ़ें: एक और ढोंगी बाबा का पर्दाफाश, शराब पिलाकर बच्चों के साथ करता था कुकर्म, खुल गया पूरा राज
इस बार आश्वासन नहीं मानेंगे
किसानों का कहना है कि उन्हें आश्वासन नहीं सभी मांगों पर सहमति चाहिए। इसके बाद ही एक्सप्रेसवे का कार्य होने देंगे। उनका कहना है कि पैदल यात्रा के बाद मेरठ पहुंचने पर कमिश्नर अनीता सी. मेश्राम ने सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया था परंतु एक भी पूरी नहीं हो सकी। ऐसे में किसान स्वयं को ठगा महसूस कर रहा है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/