आलू उत्पादक किसान इजहार का कहना है कि इस बार 33 बीघा जमीन में आलू की बुआई की है। फिलहाल बाजार में भाव अच्छा है, लेकिन जब किसान की फसल आती है, तब इस तरह का भाव नहीं मिलता है। इसी वजह से हर साल नुकसान उठाने की स्थिति बन जाती है।
तीन साल में दोगुना हो गया आलू का रकबा
जिले में आलू का रकबा तीन साल में दोगुना हो गया है। साल 2018 में 25 हेक्टेयर में आलू की फसल थी, इसके बाद 2019 में 30 हेक्टेयर में फसल हुई। इस बार रकबा बढ़कर 50 हेक्टेयर पर पहुंच गया है।
इस तरह बिकता है आलू
आलू उत्पादक शाहनवाज का कहना है कि अगर फसल की खोदाई फरवरी के आखिरी में होती है तो भाव 640 से 700 रुपये प्रति 50 किलोग्राम मिलता है। लेकिन जिस फसल की खोदाई मार्च और अप्रैल में होती है, उसका भाव 850 रुपये तक मिल जाता है।
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