वर्ष-2020 खत्म होने में सिर्फ 90 दिन बचे हैं। सब कुछ ठीक रहा तो साल के अंत तक मेरठ को एक हाईवे, एक एक्सप्रेसवे और आईटी पार्क की सौगात मिल जाएगी। हालांकि ये सभी प्रोजेक्ट निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा गंगा एक्सप्रेसवे, मेरठ-गढ़ हाईवे का शिलान्यास भी हो सकता है। दिल्ली-मेरठ के बीच चलने वाली रैपिड रेल का काम भी तेज गति से चल रहा है। इसे 2025 में पूरा किया जाना है।
शहर के चारों ओर हाईवे का जाल बिछाया जा रहा है। दिल्ली से मेरठ की दूरी कम करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही इनका लाभ शहरवासियों को मिलने लगेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे को छोड़कर अन्य किसी प्रोजेक्ट में अभी कहीं विवाद नहीं है। इस प्रोजेक्ट में किसान एकसमान मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं।
हालांकि, प्रशासन ने जल्द ही इस विवाद को निपटाने का आश्वासन दिया है। दिल्ली से मेरठ की दूरी कम होने से यहां के उद्योगों को रफ्तार मिलेगी। आसपास के पर्यटक स्थलों को भी लाभ मिलने के आसार हैं। अभी महाभारतकालीन नगरी हस्तिनापुर पहुंचने के लिए पर्यटकों को सोचना पड़ता है। रास्ता सुगम होने के बाद दिल्ली आने वाले लोग मेरठ का भी रुख करेंगे।