केस-3
एक नवंबर को पुलिस सुंदरनगर होते हुए भड़ी भरतपुरी की ओर जा रही थी। सुंदरनगर से बाहर बाग के पास पुलिस ने तीन युवक जिजौला निवासी मारुफ, मुरसलीम और सनव्वर को पकड़ा। मारुफ की दाहिनी जेब से 70 ग्राम चरस, मुरसलीम और अन्य की जेब से 15 ग्राम स्मैक बरामद की गई। तीनों का चालान कर दिया गया।
केस-4
कांधला पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कैराना रोड पर छापामारी की। पकड़े गए आरोपी ने खुद का नाम नौशाद बताया। नौशाद की दाहिनी जेब से 100 रुपये बरामद किए गए। इसके अलावा भारी मात्रा में पटाखों का स्टाक बरामद किया गया।
केस -5
पुलिस ने कैराना में नवाब तालाब के पास सट्टेबाज इस्लाम को पकड़ा। आरोपी के दाहिने हाथ से पैन और कुर्ते की दाहिनी जेब से 460 रुपये बरामद किए गए।
केस-6
कैराना पुलिस ने ईदगाह के सामने से एक युवक को पकड़ लिया। पकड़ा गया आरोपी बुढाना का मुरसलीम निकला। जिसके दाहिनी हाथ में ली हुई काले रंग की पाॅलिथीन से करीब 410 ग्राम अवैध चरस बरामद की गई।
केस 7
15 अक्तूबर को पुलिस ने झिंझाना, अहमदगढ़ पुलिस चौकी के सामने चेकिंग के दौरान एक युवक को पकड़ा। जिसकी दाहिनी जेब से मोबाइल फोन बरामद किया गया। आरोपी ने वाहन चालकों को व्हाट्सएप ग्रुप पर लोकेशन शेयर करने का खुलासा किया।
पिछले दो माह में इस तरह के 23 से अधिक एफआईआर जिलेभर में दर्ज हो चुकी है, जिनमें दाहिनी हाथ या फिर जेब से ही सामान, मादक पदार्थ की बरामदगी दिखाई गई है।
कई बार प्रारुप नहीं बदलने के कारण आती है परेशानी
रिटायर्ड आईपीएस वीके शेखर का कहना है कि पुलिस आरोपियों को तो सही पकड़ती है। मगर कई बार देखते में आता है कि कुछ थानों पर एफआईआर का प्रारुप कंप्यूटर में फीड होता है। नई एफआईआर लिखने से बचने के लिए पुलिसकर्मी कई बार पुरानी दर्ज एफआईआर में ही नाम आदि संशोधित कर देते हैं, जिसके कारण कई बार इस तरह की परेशानी आड़े आती है।
आरोपी के पास से जिस भी स्थान से रुपये, शराब या फिर नशीला पदार्थ बरामद होता है, उसी के आधार पर एफआईआर में ब्योरा दर्ज किया जाता है। फिर भी यदि अधिकतर एफआईआर में सामान या फिर रुपये बरामद होना एक ही जेब से दर्शाया जा रहा है तो जांच कराई जाएगी। थाना प्रभारियों को भी इस संबंध में निर्देशित किया जाएगा। - अभिषेक, एसपी शामली