ठेका संचालक नरेश पुत्र त्रिलोक राम निवासी गांव हुसैनपुर बोपाड़ा द्वारा खुद ही नकली शराब बनाने के बाद उस पर फर्जी रेपर एवं क्यूआर कोड लगाकर अपने शराब ठेके पर बिकवाई जा रही थी। मामले में आबकारी इंस्पेक्टर कमलेश कश्यप की ओर से मंसूरपुर थाने में ठेका संचालक नरेश पुत्र त्रिलोक राम के साथ ही सेल्समैन आशीष के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
नकली शराब पकड़कर वाहवाही लूट रहे आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली रात होते-होते सवालों के घेरे में आ गई है। दरअसल, जिस शराब ठेका संचालक नरेश पर खुद नकली शराब बनाकर अपने ठेके पर बिकवाने के आरोप में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है, उसकी तीन माह पूर्व ही मौत हो चुकी है। ग्राम प्रधान हुसैनपुर बोपाड़ा शकुंतला देवी के बेटे अजयवीर ने ठेका संचालक नरेश की मौत की पुष्टि की है।
ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर आबकारी विभाग को ठेका संचालक की मौत की जानकारी कैसे नहीं मिली ? किस आधार पर ठेका संचालक पर नकली शराब बनाने और उसे बिकवाने का आरोप लगाकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई। हर माह रिकॉर्ड चेक करने के बाद ही शराब आवंटित की जाती है तो आखिर किसके हस्ताक्षर पर तीन माह से शराब ठेके पर शराब आवंटित कराई जा रही थी ?