मंगलवार को हाथी के उपचार के लिए मथुरा से एलिफेंट रेस्क्यू सेंटर के ट्रेंड डाक्टर राहुल राजपूत अपनी पांच सदस्यों की टीम एवं कानपुर जू के डॉक्टर नासिर यहां आए और मुख्य वन संरक्षक (बरेली) ललित वर्मा की देखरेख में हाथी का उपचार शुरू किया था।
लेकिन हाथी की हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। बुधवार को हाथी की मौत हो गई। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हाथी की मौत का कारण हाथी के ऊपरी जबड़े का मोलार दांत टूटने की वजह से मुंह में घाव होना माना। हाथी द्वारा कुछ नहीं खाने पर संक्रमण लगातार बढ़ने की वजह से मौत हो गई।
हाथी के शव को जेसीबी की सहायता से बढ़ापुर रेंज कार्यालय परिसर ले जाया गया। जहां उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। बढ़ापुर रेंज के वन क्षेत्राधिकारी बीरेंद्र सिंह रावत ने बताया कि पोस्टमार्टम करने के लिए बरेली से पशु चिकित्सकों की टीम यहां के लिए रवाना हो गई है। पोस्टमार्टम के बाद हाथी के शव को रेंज कार्यालय परिसर के समीप ही दफनाया जाएगा।