परीक्षा में बैठने के लिए छात्र की 75 फीसदी उपस्थिति होना अनिवार्य है। सीबीएसई ने अपनी गाइडलाइंस में कहा है कि बोर्ड कुछ मामलों में 25 फीसदी की छूट दे सकता है जैसे मेडिकल इमरजेंसी, राष्ट्रीय खेलों में हिस्सेदारी या फिर अन्य कोई गंभीर वजह आदि। इस राहत को पाने के लिए छात्र को संबंधित डॉक्यूमेंट दिखाने होंगे।
सीबीएसई ने दसवीं और बारहवीं के परीक्षा कार्यक्रम में प्रमुख विषयों के बीच परीक्षा में पर्याप्त अंतर दिया है। दोनों ही कक्षा की परीक्षाओं की तारीखें इस हिसाब से तय की गई हैं कि किसी छात्र की दो विषयों की परीक्षा एक ही तिथि पर न हो। वहीं बोर्ड ने बारहवीं की परीक्षा का कार्यक्रम तैयार करते समय जेईई मेन, नीट और सीयूईटी यूजी सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तिथियों से टकराव नहीं होने का ध्यान भी रखा है।
प्रैक्टिकल परीक्षाएं और इंटरनल असेसमेंट कब से होंगे
सीबीएसई एक जनवरी 2025 से दसवीं और बारहवीं बोर्ड परीक्षा के उम्मीदवारों के लिए प्रैक्टिकल परीक्षाएं और इंटरनल असेसमेंट कराएगा।
जिले में 28 हजार से अधिक छात्र देंगे दसवीं और बारहवीं की परीक्षा
मेरठ जिले में इस वर्ष दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में 28,550 छात्र-छात्राएं शामिल हो रहे हैं। सीबीएसई सिटी कोऑर्डिनेटर सुधांशु शेखर ने बताया कि दसवीं में 15,900 और बारहवीं में 12650 छात्र शामिल हो रहे हैं।