फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

छोटी-छोटी घटनाओं को दिया जा रहा साजिशन तूलः इमरान

Tue, 22 Mar 2016 09:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
विज्ञापन
मेरठ के कैंट में चाकूबाजी के दौरान घायल से जानकारी लेते पूर्व विधायक इमरान मसूद। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
सहारनपुर के पूर्व विधायक एवं कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा है कि छोटी-छोटी घटनाओं को साजिशन तूल दिया जा रहा है। रविवार को मेरठ में कोचुवेली-देहरादून एक्सप्रेस में हुए खूनी संघर्ष के लिए जहां उन्होंने प्रदेश सरकार को जिम्मेदार ठहराया तो केंद्रीय राज्यमंत्री प्रो. रामशंकर कठेरिया को भी निशाने पर लिया। सवाल किया कि कठेरिया जी बताएं, वह चार दिन पहले कैसी होली खेलने की बात कह रहे थे। साथ ही कहा कि समाज के जिम्मेदारों को ऐसी बातों से बचना चाहिए, जिससे आपसी प्यार और सौहार्द पर फर्क पड़े।
विज्ञापन


इस घटना में घायल सहारनपुर निवासी सलमान मेडिकल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती है। पूर्व विधायक सोमवार को सलमान का हाल जानने मेडिकल अस्पताल पहुंचे थे। सलमान और उसके परिजनों से घटना की जानकारी लेने के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि छोटी सी बात पर कोटा में झगड़ा होता है और फिर वह शांत भी हो जाता है। इसके बाद ट्रेन तमाम राज्यों से गुजरती है। उन तमाम राज्यों में किसी की ऐसी घटना करने की हिम्मत नहीं होती, लेकिन उत्तर प्रदेश में पहुंचने पर ऐसी घटना का होना प्रदेश सरकार की बड़ी विफलता है।

इमरान मसूद ने घायलों के इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री जी लंबे-चौड़े दावे करते हैं, लेकिन घटना के बाद उनकी 108 एंबुलेंस दो घंटे तक नहीं पहुंची। जिसके चलते घायलों को कंधों पर उठाकर और रिक्शों में डालकर लाना पड़ा। समय पर इलाज ना मिलने और ज्यादा खून बहने के कारण एक लड़के की जान तक चली गई, गनीमत रही कि सलमान बच गया। इस दौरान उनके साथ स्थानीय कांग्रेस नेता सलीम पठान, मोहम्मद इमरान, शाहिद सैफी, माजिद अब्बासी आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


कहीं यह सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की साजिश तो नहीं 
इमरान मसूद ने कहा कि घटना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है और जिम्मेदार लोगों को इनसे बचना चाहिए। हमें प्यार और सौहार्द की बात करनी चाहिए, लेकिन जिस तरह से छोटी-छोटी घटनाओं ने साल 2013 में मुजफ्फरनगर दंगे का रूप लिया था। इसमें चुनाव के मद्देनजर छोटे से झगड़े को बड़ा रूप देकर सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की साजिश नजर आती है। प्रदेश और केंद्र सरकार की नूरा कुश्ती के बीच वोटों का ध्रुवीकरण किया जा रहा है। इस पर पुलिस और प्रशासन को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना उत्तर प्रदेश में ही आकर होना कहीं ना कहीं बड़ी साजिश थी, ताकि फिर से वर्ष 2017 के चुनाव में साल 2013 जैसे हालात खड़े हो जाएं। 
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें