घंटाघर स्थित होटल अलकरीम की ऊपरी बिल्डिंग गिराने पहुंची एमडीए की टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। होटल मालिक और व्यापारियों ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन) मेरठ के आदेश की कॉपी दिखाकर कहा कि जब कोर्ट से स्टे है तो भला कैसे ध्वस्तीकरण हो सकता है।
करीब तीन घंटे तक चले हाईप्रोफाइल ड्रामे के बाद एमडीए अफसर कोर्ट के उक्त आदेश की प्रति और व्यापारी से शपथ पत्र लेकर बैरंग लौट गए। अफसरों ने कहा कि स्टे ऑर्डर का विधिक परीक्षण कराने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
सोमवार सुबह करीब 10:30 बजे ही एमडीए के कार्यवाहक वीसी कुमार विनीत, संयुक्त सचिव वैद्यनाथ के नेतृत्व में एमडीए की टीम दलबल के साथ घंटाघर स्थित अलकरीम होटल पहुंच गई थी। इससे पहले ही होटल मालिक के समर्थन में वहां कई व्यापारी नेता और लोगों का जमावड़ा लग गया।
काफी महिलाएं होटल की छत पर पहुंच गई और कुरान ख्वानी शुरू कर दी। होटल के सामने खाली गाड़ियां खड़ी कर दी गई। नारेबाजी शुरू हो गई। माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया। बीच सड़क पर हंगामे की स्थिति देख एमडीए अफसर एसपी सिटी कार्यालय में बैठ गए।
एसपी सिटी ओपी सिंह की मौजूदगी में होटल मालिक, हाजी नासिर इलाही मलिक, संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, व्यापार मंडल अध्यक्ष जीतू नागपाल, रेलवे रोड व्यापार संघ के कालू प्रधान आदि व्यापारी नेताओं की एमडीए अफसरों से वार्ता हुई। होटल मालिक ने अधिकारियों को सिविल कोर्ट में दायर एक वाद नासिर अली बनाम नगर निगम में 18 फरवरी 2014 के आदेशों की प्रति दी।
उन्होंने दावा किया कि कोर्ट ने इस बिल्डिंग के विषय में स्थल पर यथा स्थिति का स्टे दिया हुआ है, और उक्त आदेश कभी भी किसी भी कोर्ट ने निरस्त या रिकॉल नहीं कराया है, इसलिए एमडीए की यह कार्रवाई उचित नहीं है।
एमडीए अफसरों ने कहा कि उन्होंने अब तक जो कार्रवाई की है वह नियमानुसार की है। काफी देर बहस बाजी के बाद व्यापारी नेताओं के अनुरोध पर एमडीए अफसरों ने होटल मालिक से कहा कि वह जो दावा कर रहे हैं ,उस संबंध में एक शपथ पत्र दें। साथ ही कोर्ट के आदेशों की प्रति भी उसके साथ लगाकर दें, जिनका विधिक परीक्षण कराया जाएगा।
इसके बाद प्राधिकरण आगे की कार्रवाई करेगा। वार्ता के अनुसार होटल मालिक ने शपथ पत्र और कोर्ट के 18 फरवरी 2014 के स्टे संबंधी आदेश की प्रति भी अफसरों को दे दी। जिसके एमडीए की टीम बिना कार्रवाई वापस लौट गई। एमडीए की कार्रवाई के चलते होटल के बाहर जमा भीड़ की वजह से घंटाघर चौक पर एक घंटे मार्ग बाधित रहा।
...पहले से तय था कार्रवाई नहीं होगी
शहर के बीचों बीच घंटाघर जैसे संवेदनशील स्थान पर अलकरीम होटल पर जेसीबी चलनी थी। होटल मालिक के पक्ष में व्यापारी नेता और सैकड़ों लोग सुबह नौ बजे से ही जुटने शुरू हो गए थे। होटल मालिक ने अपने बचाव में पूरा माहौल बना लिया था। माहौल गर्म था, लेकिन पुलिस स्तर पर सुरक्षा के नाम पर महज 8-10 पुलिस वाले ही वहां दिखे।
उनमें भी कई पुलिस चौकी पर बैठे थे। देखने में लग रहा था कि शायद पहले ही तय हो गया था कि आज होटल पर कार्रवाई नहीं होगी। सूत्रों का कहना है कि होली का त्यौहार देख पुलिस-प्रशासन भी नहीं चाहता था कि कोई बखेड़ा हो, लिहाजा पुलिस महकमा भी इसी पक्ष में था कि यह मसला कुछ दिन टल जाए।
रविवार को अगली तारीख
सिविल कोर्ट का जो स्टे होटल मालिक ने दिखाया, उसमें अगली तारीख 27 मार्च तय की गई है। इस दिन रविवार है। एमडीए अधिकारियों का यह देखकर माथा ठनका कि रविवार में कैसे तारीख मुकर्रर की गई। बाद में जांच की तो पता चला कि इसी दिन की तारीख लगाई गई है।
हाईकोर्ट में देना होगा जवाब
इस मामले में हाईकोर्ट में अदालत की अवहेलना का मामला विचाराधीन है, जिसमें वीसी, नगरायुक्त तथा सचिव को 31 मार्च को तलब किया गया। इस तारीख से पहले ही एमडीए को यह मामला निपटाना होगा। हाईकोर्ट में पक्ष रखना होगा। स्टे है तो वह बताना होगा और यदि नहीं है तो ध्वस्तीकरण कर सूचना देनी होगी।
क्या कहते हैं अधिकारी
होटल मालिक ने कुछ दस्तावेज दिए हैं, एक स्टे ऑर्डर भी दिखाया है। उसका विधिक परीक्षण कराया जा रहा है। जिसके बाद आगे की कार्रवाई तय होगी। यदि स्टे नहीं हुआ तो तत्काल अगली तारीख ध्वस्तीकरण के लिए लगा दी जाएगी।- कुमार विनीत, कार्यवाहक वीसी एमडीए