- गांव के बाहर भरे पानी में मस्ती करते नजर आए बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
हस्तिनापुर। पहाड़ों और मैदानी क्षेत्रों में कई दिनों बारिश जारी है। इससे गंगा नदी भी उफान पर है। पिछले पांच दिनों तक खादर क्षेत्र में जमकर तबाही मचाई। अब गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है। इससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
करीब छह दिनों के बाद गंगा के जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। बिजनौर बैराज पर तैनात अवर अभियंता पीयूष कुमार ने बताया कि रविवार शाम 5:00 बजे गंगा का जलस्तर हरिद्वार से 95 हजार क्यूसेक और बिजनौर बैराज से 1.29 लाख क्यूसेक पर चल रहा था। गंगा का जलस्तर कम होते ही गांव में भरा पानी वापस गंगा की धारा में लौट गया। हालांकि अभी भी खादर क्षेत्र के बधवा खेड़ी, सिरजेपुर, मखदूमपुर, बस्तौरा नारंग, दूधली, लतीफपुर, भीमकुंड, किशनपुर, हादीपुर गांवड़ी, फतेहपुर प्रेम आदि दर्जन भर गांव के संपर्क मार्गों पर पानी भरा हुआ है। यहां अब ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्राॅली के सहारे आवागमन कर रहे हैं। दोपहिया वाहन अभी भी यहां से नहीं निकल पा रहे हैं। कुछ सड़कों पर वाहनों से भी लोग बाइक से सफर करते नजर आए। बाढ़ का पानी तो काम हो गया परंतु ग्रामीणों की परेशानी अभी कम होने का नाम नहीं ले रही है। कई गांवों के चारों ओर पानी भरा हुआ है। ग्रामीणों को पशुओं का चारा लाने के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उधर, आसमान में छाए काले बादल खादर क्षेत्र के लोगों की चिंता को बढ़ा रहे हैं।
गांव बधवा खेड़ी निवासी कुलदीप गुर्जर एवं नितिन ने बताया कि उनके गांव में प्रशासन की ओर से बाढ़ राहत कार्यों के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए हैं। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर टूटे संपर्क मार्ग से निकलकर घर के लिए सामान जुटा रहे हैं।
हजारों हेक्टेयर फसल नष्ट होने की कगार पर
गंगा से बाहर आए पानी में किसानों के पकी धान और गन्ने की फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई है। खेतों में पकी धान की फसल अंकुरित होकर स्वयं ही नष्ट होने लगी है। ऐसे में किसानों को लाखों रुपये के आर्थिक नुकसान की संभावना है। स्थानीय संगठनों ने सरकार से फसलों का आकलन कर मुआवजा देने की मांग की गई है।
बाढ़ में नष्ट हो गई सड़कें
बाढ़ के पानी से हस्तिनापुर से चांदपुर को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग हाल ही में पीडब्ल्यूडी द्वारा चार करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया था। वह बाढ़ के एक ही झटके में तबाह हो गया। यह खादर क्षेत्र ही नहीं, आसपास के जनपद को भी जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। अब संपर्क मार्ग पर पानी की एक बड़ी धारा बह रही है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के मौसम में मार्ग की स्थिति फिर पहले जैसी हो गई है। दो साल से खराब मार्ग को कुछ दिन पहले ही दुरुस्त कराया गया था। हस्तिनापुर से नए गांव तक जाने वाले मुख्य मार्ग का भीमकुंड तिराहे से लतीफपुर तक भी सड़कों पर पानी है। यह सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई है। यह कई गांवों का मुख्य मार्ग होने के कारण ग्रामीण अभी भी इस टूटे संपर्क मार्ग पर सफर कर रहे हैं। अभी भी चारों ओर जंगलों में पानी नजर आ रहा है।
संकट में जान: जॉन जोखिम में डालकर चांदपुर मार्ग के टूटे संपर्क मार्ग से घर का राशन लेकर लोटते ग
संकट में जान: जॉन जोखिम में डालकर चांदपुर मार्ग के टूटे संपर्क मार्ग से घर का राशन लेकर लोटते ग
संकट में जान: जॉन जोखिम में डालकर चांदपुर मार्ग के टूटे संपर्क मार्ग से घर का राशन लेकर लोटते ग
संकट में जान: जॉन जोखिम में डालकर चांदपुर मार्ग के टूटे संपर्क मार्ग से घर का राशन लेकर लोटते ग