ये उद्योग हो पाए चालू
जिले में केवल सात उद्योग ही चालू हो पाए हैं। इनमें विपिन सिंघल ने 1.10 करोड़ से फूड प्रोसेसिंग का प्लांट लगाया है। नीरज केडिया ने 6.50 करोड़ से केमिकल प्रोडक्ट का प्लांट स्थापित किया। 150 करोड़ से अक्षय जैन ने राइटिंग एवं प्रिंटिंग पेपर का प्लांट लगाया। 100 करोड़ का प्रोजेक्ट टिकौला शुगर मिल में चालू हुआ। रेशू गोयल ने 10 करोड़ का आर्गेनिक प्लांट का प्रोजेक्ट शुरू किया। दस करोड़ से हरेंद्र सिंह ने अपना उद्योग स्थापित किया। पर्यटन के क्षेत्र में हरेंद्र सिंह ने हाइवे पर 35 करोड़ का निवेश कर देवराना रेस्टोरेंट बनाया। इन उद्योगों के माध्यम से जिले में लगभग 1600 लोगों को रोजगार दिया गया है।
नए उद्योगों के सामने बड़ा संकट: कुशपुरी
आईआईए के चेयरमैन कुशपुरी का कहना है कि बैंक से लोन लेने में इस समय उद्यमियों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। इसी के चलते जिले में कई बड़े प्रोजेक्ट सिरे नहीं चढ़ पाए। दूसरी जमीन की बड़ी समस्या है। हमारे पास बेगराजपुर इंडस्ट्रियल एरिया और मेरठ रोड का इंडस्ट्रियल एरिया है। यहां जमीन चार हजार रुपये मीटर है। इतनी महंगी जमीन में उद्योग लगाना संभव नहीं है। उद्यमियों ने हाल ही में प्रदेश के लघु उद्यम सचिव भुवनेश कुमार से शुक्रताल क्षेत्र में नया औद्योगिक शहर का निर्माण कराने की मांग की थी, जिससे उद्यमियों को सस्ती जमीन मिल सके।
जिले में लग चुके हैं सात उद्योग: मौर्य
उपायुक्त उद्योग परमहंस मौर्य का कहना है कि फरवरी 2018 में इंवेस्टर समिट हुआ था, इसमें जिले में 24 उद्यमियों ने उद्योग लगाने के लिए प्रस्ताव दिया था। सात उद्योग यहां चालू हो चुके हैं, इनके माध्यम से लोगों को रोजगार भी मिला है। यह सच है कि कुछ उद्यमियों के सामने बैंक से फाइनेंस और जमीन की समस्या आ रही है। अभी तक तीन उद्यमियों ने ही योजना को ड्राप किया है।
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