मुठभेड़ में बदमाश घायल
- फोटो : अमर उजाला
बदमाश की गोलियों से लोगों की जान जा रही है या फिर कई दिनों तक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूलना पड़ रहा है। कुख्यात अर्जुन राणा ने एक मार्च को शास्त्रीनगर में दरोगा ब्रजपाल की पत्नी सुमन की हत्या की तो बेटे कविंद्र को गोली मारी थी। कविंद्र पांच दिन तक अस्पताल में भर्ती रहा। जबकि पुलिस की गोली इतनी कमजोर है कि बदमाश 12 घंटे में फिट होकर जेल चला जा रहा है। बड़ा सवाल है कि बदमाशों को लगने वाली पुलिस की गोली कमजोर थी या फिर डॉक्टरों ने इतना बेहतर इलाज किया। लोगों का कहना कि अगर पुलिस की ऐसी कार्रवाई बदमाशों पर होगी तो अपराध पर ज्यादा फर्क नहीं पडे़गा। बदमाशों में पुलिस खौफ नहीं बना पाएगी।
मांस को चीरती निकली थी गोली
प्रमुख अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज अस्पताल डॉ. अजित सिंह ने बताया कि बदमाशों के पैर में पुलिस की गोली लगी थी। लेकिन गोली मांस को चीरती निकल गई थी। बदमाश ठीक हो गए, जिन्हें सुबह छुट्टी दे दी गई।
तो जांच करा लेंगे
एसएसपी मंजिल सैनी ने कहा, मुठभेड़ में बदमाश को कहीं भी गोली लग सकती है। तीनों बदमाशों को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था। पुलिस पैर को निशाना बनाकर गोली चलाती है। एक दिन में अस्पताल से छुट्टी हुई है तो इसकी जांच करा ली जाएगी।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/