लोकसभा चुनाव के लिए पश्चिमी यूपी की आठ सीटों पर मतदान जारी है। मेरठ-हापुड़ लोकसभा सीट और मथुरा सीट पर दो फिल्मी हस्तियों की प्रतिष्ठा दांव पर है। वहीं प्रत्याशियों के आगे मत प्रशित को बढ़ाने की चुनौती है। पढ़ें ये रिपोर्ट
पश्चिम उत्तर प्रदेश में दूसरे चरण की आठ सीटों पर आज मतदान जारी है। मेरठ वालों के पास इस बार रिकॉर्ड तोड़ने का मौका होगा। 1977 में सबसे ज्यादा 67.08 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। पिछले दो चुनावों में 63.11 आैर 64.26 प्रतिशत मतदान हुआ था। एक बार फिर मौका है 2014 और 2019 से बेहतर प्रदर्शन करने का। आज मेरठ में वोट डाले जा रहे हैं। पिछले आंकड़े बताते हैं कि कैंट से लेकर किठौर तक मतदाताओं ने मतदान में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया था। हालांकि कुछ इलाके ऐसे भी थे, जहां लोकतंत्र के इस महापर्व में कम दिलचस्पी दिखाई थी...
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2019 में मेरठ की दक्षिण विधानसभा के ततीना सानी गांव में 91.21 प्रतिशत लोगों ने मतदान किया था। यहां बूथ पर कुल 944 वोट थे जिसमें से 861 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था। वहीं सबसे कम वोट कैंट क्षेेत्र में बने बूथ पर सबसे कम वोट डाले गए थे। प्राथमिक विद्यालय तोपखाना के एक बूथ पर जहां कुल 1107 वोट थे वहां केवल 20 लोगों ने वोट डाले।
इसकी प्रतिशत में गणना करें तो दो प्रतिशत से भी कम था। कैंट क्षेत्र में कई ऐसे मोहल्ले और कई ऐसी कालोनियां थीं जहां से कम लोग वोट देने के लिए निकलते थे, लेकिन 2019 के चुनाव में इन क्षेत्र के लोगों ने मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और पहले के मुकाबले 25 प्रतिशत तक मतदान अधिक किया था। किठौर में कई बूथ ऐसे थे जहां 75 प्रतिशत से अधिक लोगों ने मतदान किया था।
गाजियाबाद भाजपा : अतुल गर्ग कांग्रेस : डाॅली शर्मा बसपा : नंद किशोर पुंडीर
अमरोहा कांग्रेस : दानिश अली भाजपा : कंवर सिंह तंवर बसपा : मुजाहिद हुसैन
गौतमबुद्धनगर भाजपा : महेश शर्मा सपा : पार्टी महेंद्र नागर बसपा : राजेंद्र सिंह सोलंकी
बुलंदशहर भाजपा : डॉ. भोला सिंह बसपा : गिरीश चंद्र कांग्रेस : शिवकुमार
अलीगढ़ भाजपा : सतीश गौतम सपा : विजेंद्र सिंह बसपा : हितेंद्र कुमार
मथुरा भाजपा : हेमा मालिनी कांग्रेस : मुकेश ढांगर बसपा : सुरेश सिंह
दूसरे चरण में मतदान बढ़ाने पर जोर है। 2019 लोकसभा चुनाव में सबसे ज्यादा मतदान किठौर विधानसभा 69.9 प्रतिशत हुआ था। सबसे कम मतदान कैंट विधानसभा में 59.47 प्रतिशत हुआ था। भाजपा के राजेंद्र अग्रवाल जीते थे। 2022 विधानसभा चुनाव में भी किठौर में ही सबसे ज्यादा 66.36 प्रतिशत मतदान हुआ था और सबसे कम मतदान कैंट में 58.59 प्रतिशत हुआ था।
अरुण गोविल
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, मुंबई
मेरठ और मथुरा सर्वाधिक चर्चाओं वाली सीट
मेरठ, बागपत, गौतमबुद्धनगर, गाजियाबाद, बुलंदशहर, अमरोहा, अलीगढ़ और मथुरा में वोट डाले जाएंगे। इन आठ सीटों पर कुल 91 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला ईवीएम में कैद होगा। सबसे अधिक गौतमबुद्धनगर और मथुरा में 15-15 उम्मीदवार मैदान में हैं।
सबसे कम छह उम्मीदवार बुलंदशहर में हैं। बागपत में सात, मेरठ में आठ, अमरोहा में 12, अलीगढ़ और गाजियाबाद में 14-14 उम्मीदवार मैदान में हैं। जिन सीटों पर चुनाव होना है उसमें अमरोहा छोड़ कर बाकी सीट पर भाजपा का कब्जा है।
सबसे पहले बात मेरठ की। यहां भाजपा ने इस बार रामायण धारावाहिक में भगवान श्रीराम का किरदार निभाने वाले अरुण गोविल को मैदान में उतारा है। यह सीट पिछले तीन लोकसभा चुनावों से भाजपा के पास है। तीनों चुनावों में राजेंद्र अग्रवाल ने यहां से चुनाव जीता था।
समाजवादी पार्टी ने पूर्व विधायक योगेश वर्मा की पत्नी सुनीता वर्मा को प्रत्याशी बनाया है। समाजवादी पार्टी ने पहले भानु प्रताप सिंह को प्रत्याशी बनाया था। कुछ दिनों के बाद भानु प्रताप का टिकट बदलकर सरधना से विधायक अतुल प्रधान को टिकट दे दिया। इसको लेकर विरोध हुआ तो अतुल प्रधान का टिकट काटकर सुनीता वर्मा को टिकट दे दिया गया। बहुजन समाज पार्टी की ओर से देवव्रत त्यागी मैदान में हैं।
बागपत से राजकुमार सांगवान रालोद के प्रत्याशी हैं। समाजवादी पार्टी की ओर से अमरपाल शर्मा और बहुजन समाज पार्टी से यहां प्रवीण बंसल प्रत्याशी हैं। इसके अलावा बागपत में सर्वजन समाज पार्टी से महेंद्र सिंह, आजाद अधिकार सेना से मुकेश शर्मा, सर्वजन लोक शक्ति पार्टी की ओर से रूबी कश्यप और स्वतंत्र जनता पार्टी से सुखवीर सिंह मैदान में हैं। बागपत में भी समाजवादी पार्टी ने अपना प्रत्याशी बदला था। पहले बागपत से मनोज चौधरी को प्रत्याशी बनाया था। बाद में उनके स्थान पर अमर पाल शर्मा को टिकट दिया।