दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर एक अप्रैल से वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। शनिवार शाम परतापुर इंटरचेंज से लेकर डासना तक सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने एनएचएआई और जीआर इंफ्रा के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। एक्सप्रेसवे में कोई खामी नहीं दिखाई दी है। इससे साफ है कि अब एक्सप्रेसवे को वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। हालांकि, इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री कार्यालय से तारीख लेने के बाद किया जाएगा।
डासना से मेरठ तक एक्सप्रेसवे के चौथे चरण में 72 कैमरे लगाए गए हैं। ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे होने के कारण रात के समय में भी ये कैमरे पूरे 32 किमी पर नजर रखेंगे। इसके लिए परतापुर से दो किमी आगे बनाए गए टोल प्लाजा में कंट्रोल रूम बनाया गया है। वहीं टोल प्रक्रिया भी एक अप्रैल से शुरू कर दी जाएगी। एनएचएआई के प्रोजेक्ट मैनेजर अरविंद कुमार एनएचएआई से टीम लीडर ब्रजेश मिश्रा, निर्माणकर्ता कंपनी जीआर के प्रोजेक्ट मैनेजर प्रवीन उपाध्याय, डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर मनोज बैरवा आदि मौजूद रहे।
रात में अद्भुत नजारा
इस ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे पर रात के समय अद्भुत नजारा दिखाई दे रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए एनएचएआई ने सांसद को रात के समय निरीक्षण करने का प्लान तैयार कराया था। सिर्फ टोल प्लाजा सहित अन्य महत्वपूर्ण प्वांट जैसे मुरादाबाद गांव के पास पोल लगाकर लाइटें लगाईं गईं है। इसके अलावा 32 किमी में कैट आई लगाकर रंग-बिरंगी लाइटों से एक्सप्रेस-वे चमक रहा है।
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे से वाहनों की आवाजाही रोके गाजियाबाद-मेरठ पुलिस
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रसेव के चौथे चरण में वाहनों की आवाजाही होने से रोड की टेस्टिंग व फिनीशिंग के काम में परेशानी हो रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने गाजियाबाद और मेरठ के जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि तत्काल पुलिस बल तैनात कर दोनों तरफ से वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए।
उन्होंने कहा है कि मौजूदा वक्त में अंतिम दौर का कार्य चल रहा है जिसे पूरा करने में वाहनों के प्रवेश के चलते दिक्कत आ रही है। साथ में कोई भी हादसा होने का डर बना हुआ है और अगर किसी को निर्माण एजेंसी के लोग रोकने का प्रयास करते हैं, उसकी तरफ से अभद्र व्यवहार किया जाता है। एनएचएआई के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग ने पत्र लिखकर परतापुर इंटरचेंज, भोजपुर, ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे व डासना आदि जगहों पर तत्काल पुलिस बल तैनात करने की मांग की है।
वहीं एनएचएआई ने दूसरा पत्र अवैध होर्डिंग के संबंध में दोनों जिलों के डीएम व एसएसपी को लिखा है, जिसमें कहा गया कि एक्सप्रेसवे के किनारे और चढ़ने-उतरने से पहले सड़कों पर अवैध होर्डिंग का कब्जा है। नियम के तहत रोड जंक्शन, ब्रिज आदि पर हाईवे से 100 मीटर की दूरी तक किसी तरह का विज्ञापन लगाना अवैध है। ऐसे में तत्काल होर्डिंग हटाने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने का कष्ट करें।