मेरठ। कोरोना का खौफ ईद पर नजर आया। इसके चलते पुलिस प्रशासन को भी लोगों को संपूर्ण लॉकडाउन का पालन कराने में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। हालांकि हर स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन ने तैयारियां कर रखी थीं। खौफ के चलते लोगों ने नियमों का पालन किया। सभी ने घरों में नमाज अदा की और परिवार के लोगों के साथ खुशी से ईद मनाई।
कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण के लिए पुलिस और प्रशासन ने ईद पर कड़े इंतजाम कर रखे थे। जनपद को पांच सुपर जोन और 20 सेक्टर में बांटकर संवेदन और अतिसंवेदनशील इलाकों में पीएसी और आरएएफ का पहरा भी था। सुबह चार बजे ही फोर्स अपने ड्यूटी प्वाइंट पर तैनात हो गई थी। हालांकि शहर के लोगों ने समझदारी का परिचय दिया और घरों में ईद मनाई। आलम यह था कड़ाके की धूप से बचने के लिए फोर्स सड़क किनारे पेड़ की छाया में बैठी रही और लोग घरों में त्योहार मनाते रहे। कहीं भी सख्ती बरतने की जरूरत नहीं पड़ी।
एडीजी, आईजी, एसएसपी रहे सड़क पर
ईद पर संपूर्ण लॉकडाउन को देखते हुए एडीजी मेरठ जोन, आईजी रेंज और एसएसपी दिनभर सड़क पर मौजूद रहे। उन्होंने बार-बार शहर का जायजा लिया। इस दौरान कहीं से भी कोई बड़ी घटना की सूचना नहीं मिली। अधिकांश लोगों ने संपूर्ण लॉकडाउन का पालन किया।
हुकूमत के साथ 90 फीसदी लोग
शहरकाजी और नायब शहरकाजी समेत शहर के जिम्मेदार लोगों ने भी अपना फर्ज निभाया। पुलिस का कहना है कि कोरोना से बचने के लिए 90 फीसदी लोग हकूमत के साथ हैं। सिर्फ 10 फीसदी लोग ही लॉकडाउन का उल्लंघन और सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं करते। उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई करती है।