कोरोना महामारी के दौरान नियमों की बंदिशों के तीन महीनों में बर्तन कारोबार सिमटकर सिर्फ 20 फीसदी रह गया है। शादियों के साथ ही अधिकतर अन्य मांगलिक कार्यक्रमों के स्थगित होने से भी कारोबार को बड़ा झटका लगा। कुछ राहत के साथ अब दुकानें खुली हैं तो भी ग्राहक बेहद कम हैं।
मेरठ शहर में लगभग 140 बर्तन व्यापारी हैं। इनमें 14 व्यापारी ऐसे हैं जो विभिन्न प्रदेशों से बर्तन मंगवाकर बिक्री करते हैं। कोरोना काल में कच्चे माल की कीमतें बढ़ गई हैं। पीतल, स्टील, एल्मूनियम और तांबा सभी का भाव बढ़ा हुआ है। इसके साथ ही फैक्ट्रियों में श्रमिक कम हैं। इन हालात से कारोबारी काफी चिंतित हैं।
ये बोले व्यापारी...
मांग ही नहीं तो कारोबार कैसे बढ़ेगा
- बाजार में मांग ही नहीं है। इस हाल में कारोबार कैसे बढ़ेगा। बाजार में कुछ समय और मांग बढ़े तो शायद स्थिति में कुछ सुधार हो।
- विरेंद्र कुमार, गुलाटी बर्तन भंडार।
शादियों, मांगलिक कार्यक्रमों का नहीं मिला लाभ
- शादियों और मांगलिक आयोजनों के दौरान बर्तनों की बिक्री ज्यादा होती है। ऐसे आयोजन स्थगित और सीमित होने का असर पड़ा।
- दीपक अरोड़ा, बालाजी ट्रेडर्स।
नया स्टॉक नहीं मंगवाया
- व्यापारी अभी पुराने रेट पर ही माल दे रहे हैं। नया स्टॉक नहीं मंगवाया गया है और कीमतें बढ़ गई हैं।
- राजीव गुप्ता, बर्तन भंडार।
अब तो दीपावली तक करना होगा इंतजार
- अब शायद दीपावली तक ही इंतजार करना होगा। फिलहाल तो बाजार में ग्राहक ही नहीं हैं।
- मनीष अग्रवाल, अग्रवाल बर्तन भंडार।
बर्तन पुराने रेट वर्तमान रेट
पीतल 450 600
स्टील 180 250
एल्मूनियम 200 280
तांबा 700 900
(रेट प्रति किलो में हैं।)