शताब्दीनगर स्थित द अध्ययन स्कूल में रविवार को 35वीं ऑल इंडिया कांफ्रेंस ऑफ इंटलेक्चुअल्स की ओर से मेरठ रत्न सम्मान समारोह का आयोजन हुआ।
इसमें 20 विभूतियों को मेरठ रत्न से सम्मानित किया गया। शुभारंभ मुख्य अतिथि उत्तराखंड के जस्टिस एवं मानवाधिकार आयोग सदस्य राजेश टंडन ने किया।
एनसीआर व मेरठ में रहकर समाजसेवा के क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों को कार्यक्रम में बुलाया गया। संयुक्त सचिव सवितुर प्रसाद, डीजी देहरादून डॉ. अश्वनी कुमार ने 20 विभूतियों को सम्मानित किया। व्यापार प्रकोष्ठ अध्यक्ष विनीत शारदा को यूपी रत्न अवार्ड दिया गया।
सुजीत पांडे, डॉ. अनुपम दीक्षित, कमरुनिंसा जैदी, इंजीनियर बीके त्रिखा, विकास गुप्त, संजय कुमार जैन, नवनीत अग्रवाल, सेंट जोंस स्कूल की प्रिंसिपल चंद्रलेखा जैन, राधेश्याम अग्रवाल, घनश्याम दास गर्ग, सुशील कृष्ण गुप्ता, प्रभात कपूर, पंडित सुदामा शर्मा, राजीव अग्रवाल, राधेश्याम अग्रवाल, लोकेश कुमार अग्रवाल, संजीव कुमार शर्मा, रामप्रकाश सेठी, रेसलर रामकुमार त्यागी व डॉ. उर्वशा सोनी को मेरठ रत्न देकर सम्मानित किया गया।
आकांक्षा, जफर अब्बास, ज्ञान प्रकाश शर्मा, अशोक कुमार शर्मा, राजेश शर्मा, अजय भारद्वाज, आरसी दीक्षित, आलोक सिंह, गुरुकुल भूषण सिंह, गिरजेश कुमार कौशिक, एलिन सारस्वत, अमर निधि, एएन शर्मा को सहयोग सम्मान से सम्मानित किया गया। संचालन संस्था के राष्ट्रीय सचिव पीएन शर्मा ने किया। आयोजकों में अमर निधि व एलिन सारस्वत शामिल रहे।
कार्यक्रम छोड़कर चले गए मुख्य अतिथि
मंच पर विवाद होने से मुख्य अतिथि कार्यक्रम के बीच में ही चले गए। विनीत शारदा अग्रवाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने प्रधानमंत्री पर टिप्पणी की थी। इसका उन्होंने विरोध किया था। समझाने के बावजूद मुख्य अतिथि कार्यक्रम से चले गए।