लखनऊ। हापुड की मोनाड यूनिवर्सिटी में फर्जी डिग्री और मार्कशीट बेचने के रैकेट के तार महाराष्ट्र तक फैले हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा बृहस्पतिवार को इस रैकेट में शामिल आरोपियों खासकर यूनिवर्सिटी के चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा के ठिकानों पर मारे गए छापों में इसका खुलासा हुआ है। ईडी की टीमों ने तीन राज्यों के नौ शहरों में स्थित 16 ठिकानों पर छापों के दौरान कई अहम सुबूत जुटाए हैं, जिसकी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
बता दें कि ईडी ने मोनाड यूनिवर्सिटी, विजेंद्र सिंह हुड्डा, यूनिवर्सिटी के कई अधिकारियों एवं कर्मियों के साथ फर्जी डिग्री बनाने वाले हरियाणा के संदीप सेहरावत और उसके साथियों के ठिकानों पर छापा मारा था। वहीं उन्नाव स्थित सरस्वती मेडिकल कॉलेज और उसके प्रिंसिपल के आवास को भी खंगाला गया था। सूत्रों की मानें तो छानबीन के दौरान महाराष्ट्र के कई कॉलेजों को भी इस रैकेट द्वारा फर्जी डिग्री और मार्कशीट बेचने के प्रमाण हाथ लगे हैं।
अब ईडी के अधिकारी इस बाबत महाराष्ट्र के कुछ कॉलेजों की छानबीन करने की तैयारी में है। वहीं दूसरी ओर ईडी की टीमों ने सभी ठिकानों से तमाम इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं, जिनमें 50 से अधिक कंप्यूटर और लैपटॉप भी शामिल है। अधिकतर आरोपियों के जेल में होने की वजह से नकदी आदि की खास बरामदगी नहीं हो सकी। अब ईडी आरोपियों से जेल में पूछताछ करेगी, जिसके बाद उनकी संपत्तियों को जब्त किया जाएगा।
ईडी ने दूसरे दिन भी मोनाड विश्वविद्यालय में खंगाले दस्तावेज
पिलखुवा (हापुड़)। फर्जी मार्कशीट व अन्य शैक्षिक दस्तावेज बनाने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की टीम शुक्रवार को फिर से पिलखुवा के अनवरपुर स्थित मोनाड विश्वविद्यालय पहुंची। सुबह से शाम तक टीम की कार्रवाई जारी रही। इस दौरान विश्वविद्यालय के स्टाफ के अलावा किसी को अंदर आने जाने की अनुमति नहीं दी गई। मुख्य गेट पर ही सुरक्षाकर्मियों को तैनात कर दिया गया था।
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स ने 17 मई 2025 को फर्जी मार्कशीट बनाए जाने के मामले में मोनाड विश्वविद्यालय में छापा मारा था। टीम ने यहां कार्रवाई करते हुए चेयरमैन विजेंद्र सिंह हुड्डा, प्रो-चांसलर नितिन कुमार सिंह सहित 12 लोगों को गिरफ्तार किया था। इनमें कर्मचारी सनी कश्यप, कुलदीप, विपुल चौधरी, इमरान और संदीप कुमार भी शामिल थे।
आरोप था कि ये सभी कई साल से फर्जी मार्कशीट और डिग्री तैयार करके देश भर में बेचकर करोड़ों रुपये कमा चुके हैं। टीम यहां से कंप्यूटरों की हार्ड डिस्क और बड़ी मात्रा में दस्तावेज जब्त करके ले गई थी। टीम ने यहां सर्वर रूम को भी सील कर दिया था।
बृहस्पतिवार को भी टीम ने मोनाड विश्वविद्यालय पहुंचकर जांच की थी। इसके साथ अन्य टीमें अर्जुन नगर में विश्वविद्यालय के कर्मचारी सनी कश्यप, रेलवे रोड पर इमरान व स्वर्ग आश्रम रोड पर विपुल चौधरी के घर पर पहुंची और देर शाम तक जांच की। इसके बाद देर शाम टीमें लौट गईं, लेकिन शुक्रवार सुबह दो कारों से एक टीम एक बार फिर मोनाड विश्वविद्यालय पहुंची। यहां पहुंचते ही टीम ने एक बार फिर पूरे परिसर को अपने कब्जे में ले लिया।
टीम ने मुख्य गेट व अंदर सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए। विश्वविद्यालय के स्टॉफ के अलावा किसी अन्य बाहरी व्यक्ति को अंदर आने जाने की अनुमति नहीं थी। देर शाम तक टीम दस्तावेज खंगालती रही।