शामली। फर्जी ढंग से आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह के मामले की गूंज लखनऊ के अधिकारियों तक जा पहुंची है। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पूरे मामले का ब्योरा तलब किया है। साथ ही, गिरोह के सदस्यों पर शिकंजा कसने के निर्देश दिए हैं।
दरअसल, अमर उजाला ने हाल ही में डेढ़ से लेकर 2 हजार रुपये में फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड बनाने वाले गिरोह का खुलासा किया था। प्रतिदिन मामले को लेकर खुलासे किए जा रहे हैं। एसपी रामसेवक गौतम ने मामले की जांच सर्विलांस सेल के अलावा साइबर सेल को सौंपी हुई है।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार पूरे मामले का ब्योरा लखनऊ से मांगा गया है। रिपोर्ट भेजी जा रही है। उधर, पुलिस और साइबर सेल ने गिरोह द्वारा बनाए गए आयुष्मान कार्ड भी जब्त किए हैं, जिनमें पता कराया जा रहा है कि कौन से कार्ड असली और कौन से फर्जी है। एसपी का कहना है कि गिरोह के संबंध में अहम सुराग हाथ लगे हैं। कुछ लोगों से पूछताछ भी की जा रही है।जल्द ही गिरोह का पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया जाएगा। बनाए गए कार्डों की भी जांच कराई जा रही है।
उम्रदराज होने की लगा रहे गुहार
सरकार ने 70 साल तक की उम्र के लोगों के आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए अभियान चलाया हुआ है। शहर के जनसेवा केंद्रों पर 60 साल तक के बुजुर्ग भी पहुंच रहे हैं, जो उम्र 70 साल करवाने की गुहार लगा रहे हैं। हालांकि, जन सेवा केंद्र संचालक उम्र अधिक नहीं होने की बात कहते हुए बुजुर्गों को वापस भेज रहे हैं।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद