फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मेरठ छावनी में वाहनों के प्रवेश पर शुल्क वसूली फिर शुरू, जाम के हवाले शहर, दो बेटियों की हुई थी मौत

Thu, 09 Jan 2020 02:22 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मेरठ
विज्ञापन
बच्चा पार्क से लेकर इंदिरा चौक तक लगा जाम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर वाहन प्रवेश शुल्क वसूली का ठेका निलंबित करने के कैंट बोर्ड के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने कैंट बोर्ड से एक माह में जवाब मांगा है। 

विज्ञापन

 ठेकेदार अनीता सिंह की याचिका पर न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की कोर्ट ने सुनवाई की। बुधवार रात 10 बजे से इन तीनों स्थानों पर वसूली शुरू कर दी गई। वहीं यहां जाम लगना भी शुरू हो गया।

याचिका में कैंट बोर्ड के 12 दिसंबर 2019 के आदेश को चुनौती दी गई थी। याची के अधिवक्ता का कहना था कि एक बार जब वैध तरीके से ठेका निष्पादित हो गया तो ठेकेदार को नोटिस और सुनवाई का मौका दिए बिना उसे निलंबित या रद्द नहीं किया जा सकता है। चाहे वह आंशिक निलंबन ही क्यों न हो।
विज्ञापन


खासकर जब याची ने ठेके की किसी शर्त का उल्लंघन नहीं किया है, कैंट बोर्ड द्वारा पारित प्रस्ताव में तीन मुख्य मुद्दों जन स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुविधा का ध्यान नहीं रखा गया। कोर्ट ने प्रकरण को विचारणीय मानते हुए 12 दिसंबर के प्रस्ताव पर रोक लगा दी है।

यह है वाहन प्रवेश शुल्क वसूली मामला
मेरठ कैंट क्षेत्र में आठ दिसंबर 2019 की आधी रात 12 बजे से 11 जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क की वसूली शुरू की गई थी। इनमें रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर प्रवेश शुल्क वसूली का व्यापारियों और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने विरोध शुरू कर दिया था। शहर में अव्यवस्था की स्थिति हो गई थी। इस मामले में  ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम से शिकायत की थी कि मवाना रोड और रुड़की रोड मेरठ-पौड़ी राजमार्ग 119 है।
 
यह भी पढ़ें: पापा एग्जाम है....आखिरी बार स्कूटी ले जाने दो, जिद करके ले गईं दोनों बहनें, फिर हुआ भयानक हादसा

इसका रखरखाव भी एनएचएआई करता है। दिल्ली रोड की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के पास है। ऐसे में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के रखरखाव वाली सड़कों पर कैंट बोर्ड वसूली कैसे कर सकता है। इस मामले में एनएचएआई ने भी आपत्ति जताई थी। विरोध प्रदर्शन के बाद कैंट बोर्ड ने 12 दिसंबर 2019 को आपात बैठक बुलाई थी।

जिसमें इन तीन जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क लिए जाने का बोर्ड उपाध्यक्ष समेत सभी आठ सदस्यों ने विरोध कर दिया था। जिसके बाद बैठक में रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर प्रवेश शुल्क लिए जाने पर तत्काल रोक लगाते हुए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। समिति को दो माह बाद बोर्ड बैठक में समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था।

बता दें कि शुल्क वसूली के समय से इन जगहों पर रोज जाम लग रहा है। किसी भी समय शहर में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। डीएम साहब यही नहीं, छावनी क्षेत्र में प्रवेश शुल्क बचाने के लिए एक ट्रक सोमवार सुबह मुख्य मार्ग छोड़कर कैंट के नो एंट्री एरिया में जा घुसा था। जिसने स्कूल जातीं स्कूटी सवार दो बहनों अनु व अंजलि को टक्कर मारकर कुचल दिया था। दोनों मासूमों की मौके पर ही मौत हो गई थी।

कैंट विधायक ने कहा, शासन और रक्षा मंत्रालय में रखेंगे पूरा पक्ष
कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल का कहना है कि कोर्ट के फैसले का सम्मान है। हम इस मामले में विधिक राय लेकर जनता की बात रखेंगे। कैंट बोर्ड ने इस मामले में पैरोकारी नहीं की। पीडब्ल्यूडी और रक्षा मंत्रालय के अफसरों से भी इसको लेकर बात की जाएगी।

कैंट बोर्ड के अफसर तो शुरू से ही सिर्फ राजस्व बढ़ाने की बात करते रहे। वे तो चाहते ही नहीं थे कि इन जगहों पर प्रवेश शुल्क वसूली रोकी जाए। ऐसे में उनसे ठीक पैरवी की उम्मीद भी नहीं रख सकते हैं। जनता के मामले को उठाने के लिए हमें सुप्रीमकोर्ट भी जाना पड़ा तो जाएंगे।

विधायक के अनुसार रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर प्रवेश शुल्क वसूली से व्यापारियों पर इसका बड़ा फर्क पड़ेगा। कैंट बोर्ड के अफसरों को बस राजस्व बढ़ाने से मतलब है। इनको शायद जनता की आवाज सुनाई नहीं देती। इस मामले में कैंट बोर्ड ने ठीक से न तो पैरोकारी की और न ही डीएम को बताया। पूरे मामले में हम भी कोर्ट में जनता की बात रखेंगे। शासन और रक्षा मंत्रालय को प्रकरण से अवगत करांएगे।
विज्ञापन

बिना बोर्ड बैठक बुलाए ही शुरू कर दी गई वसूली 
आमतौर पर कैंट बोर्ड हाईकोर्ट के इस तरह के आदेशों के मामले में आपात बैठक बुलाता है। लेकिन इस मामले में कैंट बोर्ड की तरफ से कोई बैठक नहीं बुलाई गई। ठेकेदार की तरफ से सीईओ को पत्र दिया गया। जिसमें लिखा गया कि आपके द्वारा 12 दिसंबर 2019 को दिल्ली, मवाना एवं रुड़की रोड पर प्रवेश शुल्क बंद करा दिया गया।

आपके इस आदेश के खिलाफ ठेकेदार ने उच्च न्यायालय इलाहाबाद में रिट याचिका संख्या 42817-2019 अनीता सिंह बनाम यूनियन ऑफ इंडिया अदर्स दायर की गई थी। जिसमें उच्च न्यायालय इलाहाबाद द्वारा पारित आदेश दिनांक 20 दिसंबर 2019 के द्वारा आपके आदेश पत्र 12 दिसंबर 2019 को अग्रिम आदेश तक स्थगित करते हुए उसके प्रभाव एवं क्रियान्वयन को स्थगित कर दिया है।

ऐसी स्थिति में आपके द्वारा दिया गया कार्य वर्क आर्डर 15 नवंबर 2019 प्रभावी हो गया है। ऐसे में प्रवेश शुल्क की वसूली 11 प्वाइंटों पर कार्यवाही की जानी है। बुधवार रात 10 बजे से हमारे द्वारा शुल्क वसूली प्रारंभ कर दी जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें