यह है वाहन प्रवेश शुल्क वसूली मामला
मेरठ कैंट क्षेत्र में आठ दिसंबर 2019 की आधी रात 12 बजे से 11 जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क की वसूली शुरू की गई थी। इनमें रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर प्रवेश शुल्क वसूली का व्यापारियों और कैंट विधायक सत्यप्रकाश अग्रवाल ने विरोध शुरू कर दिया था। शहर में अव्यवस्था की स्थिति हो गई थी। इस मामले में ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने डीएम से शिकायत की थी कि मवाना रोड और रुड़की रोड मेरठ-पौड़ी राजमार्ग 119 है।
यह भी पढ़ें:
पापा एग्जाम है....आखिरी बार स्कूटी ले जाने दो, जिद करके ले गईं दोनों बहनें, फिर हुआ भयानक हादसा
इसका रखरखाव भी एनएचएआई करता है। दिल्ली रोड की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी के पास है। ऐसे में राज्य सरकार और केंद्र सरकार के रखरखाव वाली सड़कों पर कैंट बोर्ड वसूली कैसे कर सकता है। इस मामले में एनएचएआई ने भी आपत्ति जताई थी। विरोध प्रदर्शन के बाद कैंट बोर्ड ने 12 दिसंबर 2019 को आपात बैठक बुलाई थी।
जिसमें इन तीन जगहों पर वाहन प्रवेश शुल्क लिए जाने का बोर्ड उपाध्यक्ष समेत सभी आठ सदस्यों ने विरोध कर दिया था। जिसके बाद बैठक में रुड़की रोड, मवाना रोड और दिल्ली रोड पर प्रवेश शुल्क लिए जाने पर तत्काल रोक लगाते हुए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। समिति को दो माह बाद बोर्ड बैठक में समीक्षा रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया था।
बता दें कि शुल्क वसूली के समय से इन जगहों पर रोज जाम लग रहा है। किसी भी समय शहर में कानून व्यवस्था बिगड़ने की आशंका है। डीएम साहब यही नहीं, छावनी क्षेत्र में प्रवेश शुल्क बचाने के लिए एक ट्रक सोमवार सुबह मुख्य मार्ग छोड़कर कैंट के नो एंट्री एरिया में जा घुसा था। जिसने स्कूल जातीं स्कूटी सवार दो बहनों अनु व अंजलि को टक्कर मारकर कुचल दिया था। दोनों मासूमों की मौके पर ही मौत हो गई थी।