संगीत सीखने आईं छात्रा गौरी व गौरवी
- फोटो : अमर उजाला
विद्यारत्न आर्य ने महेश चंद में शास्त्रीय संगीत को और निखारा। देश भर में होने वाले कार्यक्रमों में महेश चंद को बुलाया जाता है। उनकी दो बेटी संगीत विषय की शिक्षिका हैं। आज शास्त्रीय संगीत देश भर में विलुप्त होता जा रहा है, क्योंकि शास्त्रीय संगीताचार्य भी नहीं बचे हैं। जिन बच्चों की शास्त्रीय संगीत में रुचि है वे अपने गुरू की तलाश में दूर दूर जाने को मजबूर हैं।
यह भी पढ़ें: लता मंगेशकर के लिए ऐसी दीवानगी: मेरठ के यह शख्स तस्वीरों के साथ अकेले बिता रहे जीवन
उनकी तलाश महेश चंद के पास आकर खत्म होती है। महेश चंद से देश भर के बच्चे शास्त्रीय संगीत की शिक्षा लेने आते हैं। वे बच्चों को राग-रागिनी, छोटा ख्याल-बड़ा ख्याल, ठुमरी, नौटंकी की गायकी, भजन, गजल, गीत, मौसम, ऋतुओं के गीत, तबला और हारमोनियम बजाना सिखाने के लिए कोई रुपया नहीं लेते हैं।