सरधना। केंद्र सकरार की महत्वपूर्णयोजना जल जीवन मिशन के तहत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में शुरू की गई पाइप पेयजल योजना अधर में अटकी हुई है। योजना के लिए उपयुक्त भूमि न मिलने के कारण विवादों के चलते काम अधूरा रह गया है।
जानकारी के अनुसार, द्वितीय और तृतीय चरण की कई योजनाओं में से सात ऐसी हैं, जहां भूमि की उपलब्धता नहीं होने या दी गई भूमि अनुपयुक्त पाए जाने के कारण कार्य आरंभ नहीं हो पाया। कुछ स्थानों पर कोर्ट केस, अपशिष्ट, जलभराव और सेना की आपत्तियों ने भी निर्माण में रोडा डाला हुआ है।
वहीं, 13 बहुग्राम योजनाओं में शामिल 29 गांवों में से 16 गांव ऐसे हैं जहां अलग से टंकी और नलकूप प्रस्तावित नहीं हैं। इन गांवों के प्रधान और ग्रामीण लगातार मांग कर रहे हैं कि उनके गांव में भी स्वतंत्र टंकी और नलकूप बनाए जाएं। इस विवाद के चलते पाइपलाइन बिछाने का कार्य ठप पड़ा हुआ है। निर्माण कार्य कर रही कंपनी के अनुसार, पिछले ढाई से तीन वर्षों में कई बार बैठकें और समीक्षा हो चुकी हैं। अधिकारियों को पत्राचार भी किया गया, लेकिन समाधान नहीं निकला। कंपनी का कहना है कि यदि जल्द ही विवाद और भूमि संबंधी अड़चनें दूर नहीं हुई तो प्रभावित गांवों को योजना से बाहर करने की अनुमति दी जाए, ताकि शेष स्थानों पर कार्य गति पकड़ सके।