प्राइमरी स्कूल से निकला बागपत का लाल
डॉ. रामकरण शर्मा की प्राथमिक शिक्षा गांव के प्राइमरी स्कूल में हुई। इसके बाद सरूरपुर खेड़की स्थित स्कूल से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की। जनता वैदिक डिग्री कॉलेज बड़ौत से बीएससी और एमएससी करने के बाद उन्होंने सीएसआईआर नेट-जेआरएफ (जूनियर रिसर्च फेलो) की राष्ट्रीय स्तर परीक्षा क्वालीफाई की। डॉ. शर्मा ने उसके बाद आईआईटी दिल्ली से पीएचडी की। यहां उनके आठ शोध पत्र प्रकाशित हुए। उन्हें आईआईटी दिल्ली की तरफ से भी उत्कृष्ट शोध के लिए पुरस्कृत किया गया। आईआईटी दिल्ली से पीएचडी पूरी करने के बाद डॉ. रामकरण को अमेरिका में अमेरिकन सोसाइटी ऑफ माइक्रोबॉयोलोजिस्ट की ओर से पोस्ट डॉक्टोरल फैलोशिप (पीडीएफ) के लिए चुना गया जो एशिया के 50 से ज्यादा देशों में से किसी एक व्यक्ति को ही मिलती है।
शिलादित्य के साथ किया शोध
अमेरिका में डॉ. रामकरण ने नोबेल पुरस्कार विजेता प्रोफेसर हरगोविंद खुराना के शिष्य रहे डॉ. शिलादित्य की प्रयोगशाला में पोस्ट डॉकटोरल फैलोशिप (पीडीएफ) पूरी की। उन्होंने मंगल ग्रह पर जीवन की संभावना खोजने के नासा द्वारा वित्त पोषित अध्ययन में भूमिका निभाई।
ऐसा है डॉ. रामकरण शर्मा का परिवार
डॉ. रामकरण शर्मा की पत्नी अनुपमा शर्मा दिल्ली आईआईटी से एम-टेक हैं। वह अमेरिका में फिजिक्स और मैथेमेटिक्स की असिसटेंट प्रोफेसर रह चुकी हैं। परिवार में एक बेटा और एक बेटी है।
नोट- इन खबरों के बारे आपकी क्या राय हैं। हमें फेसबुक पर कमेंट बॉक्स में लिखकर बताएं।
शहर से लेकर देश तक की ताजा खबरें व वीडियो देखने लिए हमारे इस फेसबुक पेज को लाइक करें
https://www.facebook.com/AuNewsMeerut/