मेरठ मेट्रो की डीपीआर के लिए एलएमआरसी की टीम 11 मई को परीक्षण करने मेरठ आ रही है। योजना यह है कि जून माह में डीपीआर फाइनल कर दी जाए, ताकि निर्धारित समय यानी वर्ष-2022 में मेट्रो यहां फर्राटा भर सके। अहम यह है कि राइट्स ने ड्राफ्ट डीपीआर बनाने में तो एलएमआरसी की टीम ने निरीक्षण का समय देने में काफी लेटलतीफी दिखाई, जिससे शेड्यूल बिगड़ा हुआ है। ऐेसे में सवाल उठ रहे हैं कि भला कैसे अगले माह तक डीपीआर फाइनल होगी।
राइट्स (रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस) ने फरवरी माह में मेट्रो ट्रेन की डीपीआर पेश की थी। वह भी तब जब बार-बार राइट्स की टीम को कहा गया कि काम जल्दी करें। हद तो यह हो गई जब राइट्स की मुख्य टीम ने मेरठ आना ही बंद कर दिया था और गूगल अर्थ के जरिए मेरठ मेट्रो का सर्वे शुरू कर दिया गया। इस बाबत चीफ इंजीनियर मेरठ एससी मिश्रा ने शिकायत दर्ज कराई, तब जाकर गंभीरता से काम शुरू हुआ।
लखनऊ में वाहवाही, यहां लेट
लखनऊ में लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन गंभीरता से काम कर रही है। दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन ने भी लखनऊ में एलएमआरसी के काम को सराहा है। कहा है कि वहां एलएमआरसी तेजी से काम कर रही है। उधर, मेरठ को लेकर एलएमआरसी का दोहरा रवैया रहा है। फरवरी से लखनऊ मेट्रो रेल कारपोरेशन अधिकारियों से मेरठ के अधिकारी गुजारिश कर रहे हैं कि वे यहां आकर ड्राफ्ट डीपीआर का परीक्षण कर लें। केवल एक दिन का काम है पर एलएमआरसी के अधिकारी नहीं आए।
अब 11 मई को आने का प्रोग्राम तय है। इसकी लखनऊ में हुई रिव्यू बैठक में दावा किया गया है कि इस दौरे के बाद 11 मई को ही इसमें जो भी संशोधन होंगे उन्हें क्लीयर करते हुए फाइनल डीपीआर के लिए राइट्स को प्रोजेक्ट दे दिया जाएगा। माना जा रहा है कि राइट्स जून में ही डीपीआर की फाइनल रिपोर्ट पेश कर देगी, पर यह आसान नहीं नजर आ रहा है। ट्रैक रिकॉर्ड बता रहा है कि ये एजेंसी मेरठ मेट्रो को लेकर गंभीर नहीं है। मेरठ के अधिकारियों के बार-बार कॉल करने पर ही काम आगे बढ़ रहा है। ऐसे में मई में संशोधन और जून में डीपीआर फाइनल, यह अधिकारियों को भी हजम नहीं हो रहा है। इस बाबत राइट्स के अधिकारियों से बात करने को कहा गया है।
सरकार नहीं दिखा रही है गंभीरता
प्रदेश सरकार ने बजट में ही मेरठ मेट्रो को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई है। अपने बजट में कानपुर और वाराणसी को 50-50 करोड़ रुपया जारी कर दिया, जबकि मेरठ खाली हाथ रहा। ऐसे में इस पर भी सवाल है कि क्या मुख्य सचिव तत्काल इस रिपोर्ट को अनुमोदित कर कैबिनेट के पास भेज देंगे और वहां से क्या इसे मंजूरी मिल जाएगी।
चल रहा मंथन
11 मई की तैयारियों को लेकर एलाइनमेंट, कॉरिडोर, जमीन की उपलब्धता, वेंटिलेशन, फाइनेंशियल मॉडल, बजट, सोर्स ऑफ इनकम जैसे तमाम बिंदुओं पर मेरठ में अफसरों के बीच चर्चा हुई। कहा कि इस निरीक्षण में इन्हीं मुद्दों पर गंभीरता से बात होनी है।
कोट
कई बार प्रयास के बाद एलएमआरसी की टीम मेरठ आ रही है। हमारी पूरी कोशिश यही रहेगी कि राइट्स की टीम जून में हर हाल में डीपीआर फाइनल कर दे। इस संबंध में उनके आला अधिकारियों से बात हो रही है।
-एससी मिश्रा, चीफ इंजीनियर एमडीए