रजपुरा ब्लॉक के गांव औरंगाबाद में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान को बहाल किए जाने से नाराज भारतीय किसान आंदोलन के कार्यकर्ताओं ने जिलापूर्ति कार्यालय पर शनिवार को प्रदर्शन किया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय में गोबर और उपले फेंके।
इससे वहां भगदड़ की स्थिति बन गई। सिविल लाइन थाना पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे 14 लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने सभी पर सरकारी कार्य में बाधा डालने सहित कई संगीन धाराएं लगाई हैं। कोर्ट से सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
औरंगाबाद में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान का संचालन सरवर अली करता है। कुछ समय पहले भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जिलापूर्ति अधिकारी से शिकायत की थी कि दुकानदार राशन की कालाबाजारी कर रहा है। इस पर एसडीएम सदर ने राशन की दुकान को निलंबित करने के बाद जांच बैठा दी थी। जांच में तहसील के अधिकारी, एडीओ पंचायत आदि शामिल रहे।
इसी बीच यह मामला कमिश्नर के न्यायालय में पहुंच गया। न्यायालय के आदेश पर एसडीएम सदर ने राशन डीलर पर जुर्माना लगाते हुए दुकान को बहाल कर दिया। इसकी सूचना जैसे ही भारतीय किसान आंदोलन के अध्यक्ष कुलदीप त्यागी को मिली तो वह कार्यकर्ताओं के साथ कमिश्नरी पार्क में जा बैठे। वहां से जुलूस के रूप में जिलापूर्ति अधिकारी राजेश के कार्यालय में पहुंचे। उस समय डीएसओ अपने कार्यालय में मौजूद नहीं थे। एआरओ मनोज कुमार ने बताया कि डीएसओ जांच के लिए गए हुए हैं। इस पर प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए डीएसओ कार्यालय में गोबर और उपले फेंकना शुरू कर दिया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने 14 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। कई प्रदर्शनकारी मौके से भाग गए। सप्लाई इंस्पेक्टर शिखा पांडे की तहरीर पर थाना सिविल लाइन इंस्पेक्टर एसके राणा ने कुलदीप त्यागी, जमील अहमद, हामिद, फारूख, मौहम्मद जाहिद, तसव्वुर अली, जरीफ, गुलजार, शाफियान, राशिद, मोबीन, पप्पू, कासिम, फरमान सहित 14 लोगों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, बलवा करने, तोड़फोड़ करने, गाली गलौज और धमकी देने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर लिया। न्यायालय ने सभी को जेल भेज दिया।