दहेज की मांग को लेकर पति और ससुराल वाले मारपीट करते थे। यह भी आरोप है कि पति के किसी दूसरी महिला से संबंध हैं। पारिवारिक विवाद होने पर उसने साल 2017 में दहेज का मुकदमा दर्ज कराया था। हालांकि उसमें 26 अक्तूबर 2018 को समझौता हो गया था। लेकिन उसके बाद भी उसका उत्पीड़न किया जाता रहा।
आरोप है कि वह गर्भवती है। लेकिन ससुराल वालों ने विगत 28 अगस्त 2019 को मारपीट कर बच्चों के साथ उसे घर से निकाल दिया। वह तीन दिन पहले शिकायत लेकर महिला थाने गई तो पीछे-पीछे पति भी पहुंच गया। थाने के सामने ही तीन तलाक दे दिया।
पीड़िताके अनुसार शिकायत करने पर महिला थाने की इंस्पेक्टर ने लिसाड़ीगेट थाने का मामला बताकर टरका दिया। एसपी सिटी डॉ. अखिलेश नारायण सिंह का कहना है कि इंस्पेक्टर लिसाड़ीगेट को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।