बिजनौर। जिले में बहुउद्देशीय प्राथमिक ग्रामीण सहकारी समिति (पैक्स) की संख्या बढ़ाने की कवायद में मुश्किलें तमाम है। दरअसल समितियों का विभाजन करते हुए 30 नई समितियों के गठन का लक्ष्य रखा गया है। मगर अभी तक केवल 10 नई समितियां ही धरातल पर उतरी हैं।
एक साल पहले तक जिले में 96 किसान सहकारी समितियां (बहुउद्देशीय पैक्स) हुआ करतीं थीं, नई समितियों के गठन के साथ ही इनकी संख्या 106 हो चुकी है। पहले चरण में बीस नई समितियों के खोलने का खाका तैयार किया गया था। जिसमें दस समितियां ही अस्तित्व में आईं। इसके बाद लक्ष्य बीस से बढ़ाकर तीस कर दिया गया है। मगर अभी तक पहला वाला लक्ष्य ही पूरा नहीं हुआ है। कुछ समितियों में बोर्ड प्रस्ताव करने में आनाकानी कर रहे हैं तो कुछ जगहों पर समितियों का बंटवारा कर्मियों को भी खटक रहा है। केंद्र सरकार की मंशा है कि प्रत्येक गांव में एक सहकारी समिति होनी चाहिए। ऐसे में किसान सहकारी समितियों की संख्या बढ़ाने की कवायद जारी है।