उधर, बरसिया गांव में जिला पंचायत सदस्य शाहिदा पत्नी फखरुद्दीन राणा के घर रालोद की महिला जिलाध्यक्ष रेनु तोमर पहुंची। शाहिदा ने आरोप लगाया कि भाजपा प्रत्याशी को वोट देने के लिए उनका और उनके परिवार का उत्पीड़न किया जा रहा है। पहले तो उनके मकान को अवैध बताकर 96.60 लाख रुपये का नोटिस चस्पा कर दिया।
फिर उनके पुत्रों पर फायरिंग करने का फर्जी मुकदमा सिंघावली अहीर थाने में दर्ज करा दिया गया। पुलिस-प्रशासन मानसिक रूप से उन्हें परेशान कर रहा है। जिलाध्यक्ष ने उन्हें आश्वस्त दिया कि रालोद परिवार उनके साथ है। प्रशासन का रवैया नहीं सुधरा तो आरपार की लड़ाई होगी। आशुतोष तोमर, बॉबी बावली, दिनेश सूप, मोहन चौधरी, मुन्नी देवी, सोनू तोमर, दीपक तोमर आदि मौजूद रहे।
भाजपा को पहले ही नकार चुकी है जनता
सपा जिलाध्यक्ष मनोज चौधरी का कहना है कि भाजपा बौखला गई है। पंचायत चुनाव हारने के बाद छल-कपट से अध्यक्ष पद हासिल करना चाहती है। सपा और रालोद के सदस्यों को पुलिस-प्रशासन से परेशान कराया जा रहा है। चार साल से भाजपा सरकार से त्रस्त जनता ने पहले ही भाजपा के खिलाफ जनमत दिया है।
भाजपा की तानाशाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसी भी सदस्य को अगर परेशान किया गया तो सपा किसी भी आंदोलन से पीछे नहीं हटेगी। आने वाले विधानसभा चुनाव में भी भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।