टिकट की दावेदारी पर पंजाबी समाज में विवाद
मेरठ। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए टिकट की दावेदारी को लेकर पंजाबी समाज में विवाद गहरा गया है। कई खेमों में विभाजित पंजाबी समाज के नेता अपने स्तर पर विधानसभा चुनाव में भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के सामने दावेदारी ठोक रहे हैं। छह उम्मीदवारों के नाम सामने आने के बाद मतभेद उभर आए हैं। शहर भर में अलग-अलग स्थानों पर होर्डिंग के माध्यम से कोई दक्षिण, कैंट तो कोई शहर सीट से दावेदारी कर रहा है।
दरअसल, एसजीएम गार्डन में पंजाबी समाज के सम्मेलन का मकसद भाजपा पर महानगर की एक सीट पर प्रत्याशी बनाने का दबाव डालना था। इसी रणनीति के तहत सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटाई गई। हालांकि जारी किए गए प्रेसनोट में करीब एक दर्जन दावेदारों में सिर्फ छह लोगों के नाम की चर्चा हुई। इससे विवाद की स्थिति हो गई। मामले को संभालते हुए सभी दावेदारों को मंच पर बुलाकर पटका पहनाकर सम्मानित किया गया। कुछ दावेदारों ने मंच से संबोधन भी किया।
संयुक्त पंजाबी संघ ने गठन के बाद पंजाबी समाज से टिकट के दावेदारों के नाम मांगे थे। नवीन अरोड़ा, धर्मवीर नारंग, राजीव दीवान, राजेश दीवान, महेश बाली, हरिकांत अहलूवालिया, पंकज कतीरा, राकेश शर्मा, बीना वाधवा, उज्ज्वल अरोड़ा, दलजीत सिंह सहित संदीप महाजन के नाम चर्चा में रहे। कार्यक्रम से पूर्व राजीव दीवान, बीना वाधवा, उज्ज्वल अरोड़ा, दलजीत सिंह, संदीप महाजन ने विभिन्न स्थानों पर अपने होर्डिंग भी लगवा दिए। इस स्थिति को देखते हुए कुछ लोग कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए।
संयुक्त पंजाबी संघ के संस्थापक सदस्य सुरेश सज्जनहार के हवाले से बयान जारी करते हुए प्रवक्ता विकास गिरधर ने बताया कि पंजाबी समाज एकजुट है। मेरठ कैंट और मेरठ दक्षिण से अपनी दावेदारी प्रस्तुत करता है। भाजपा से निवेदन है इन दोनों में से एक सीट पर पंजाबी को टिकट दिया जाए।