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अमेरिका में प्रैक्टिस, टारगेट रियो ओलंपिक 

Mon, 18 Apr 2016 01:43 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/मेरठ
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सीमा पूनिया। - फोटो : फाइल फोटो
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एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली मेरठी बहू सीमा पूनिया रियो ओलंपिक के लिए जमकर अभ्यास कर रही हैं। डिस्कस थ्रो की खिलाड़ी तीन माह से अपने पति अंकुश पूनिया के साथ अमेरिका में डटी हैं। विदेशी कोच से खेल की बारीकियां सीख रही हैं। उनका लक्ष्य ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतकर देश का नाम रोशन करना है।
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सीमा मूल रूप से हरियाणा के खेवड़ा गांव की रहने वाली हैं। यहां उनकी शादी सकौती टांडा निवासी अंकुश पूनिया से हुई है। अंकुश सीमा के कोच भी हैं। अमेरिका से सीमा ने अमर उजाला से फोन पर बात की। उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य देश के लिए गोल्ड मेडल जीतना है। इंचियोन में स्वर्ण पदक देशवासियों की दुआ और प्यार से मिला है। वही पल फिर से दोहराने के लिए वह कड़ी मेहनत कर रही हैं। देशवासियों को उन पर भरोसा है, वह उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगी।

विदेश में हैं अच्छे कोच 
सीमा ने बताया कि इस बार वह ओलंपिक के लिए पहले से ही तैयारी कर रही हैं। जब इंचियोन में गोल्ड मेडल जीता था, तब भी वह अमेरिका में ट्रेनिंग के लिए आईं थीं। विदेश में अच्छे कोच हैं और प्रैक्टिस भी अच्छी होती है। यहां पर हैवी वेटलिफ्टिंग करना और थ्रो फेंकना सभी पर फोकस कर तैयारी कराई जाती है। पति अंकुश पूनिया भी विदेशी कोचों के साथ पूरा ध्यान दे रहे हैं।
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बहू पर है भरोसा
सीमा की सास राजकुमारी और ससुर तेजपाल सिंह का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि उनकी बहू ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीतेगी। सास का कहना है कि उन्होंने सीमा को बहू नहीं, हमेशा बेटी की तरह प्यार किया है। उसकी हर बात मानी है। 

5 किलो वजन घटाया
सीमा ने बताया कि इंचियोन में गोल्ड मेडल मिलने के बाद कई माह तक वह फ्री रहीं, जिसके चलते वजन भी बढ़ गया। अब फिर से कड़ी मेहनत कर पांच किलो वजन घटाया है। 
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ये हैं सीमा पूनिया की उपलब्धियां
2000 : जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप मेें प्रथम गोल्ड।
2001: जूनियर एशिया चैंपियनशिप में रजत जीता। 
2002: जूनियर वर्ल्ड चैंपियनशिप वेस्टइंडीज में कांस्य पदक जीता। 
2002: जूनियर एशियन चैंपियनशिप बैंकाक में कांस्य पदक जीता। 
2004: ओलंपिक में 14वीं रैंक। 
2006: कॉमनवेल्थ गेम्स मेलबर्न में सिल्वर मेडल जीता।  
2009: वर्ल्ड चैंपियनशिप जर्मनी में 15वीं रैंक।
2010: दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक जीता। 
2012: लंदन ओलंपिक 12वीं रैंक।  
2013: एशियन चैंपियनशिप पुणे में पांचवीं रैंक रही। 
2014: स्कॉटलैंड कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीता।  
2015: इंचियोन में हुए एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीता। 
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