मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय के यूजी एनईपी की स्पेशल बैक परीक्षाओं के परिणाम में कई गड़बड़ियां सामने आ रही हैं। किसी छात्र का रिजल्ट ब्लैंक दिख रहा है तो किसी का नाम और अनुक्रमांक ही गायब है। पांच दिसंबर को विवि की ओर से परिणाम जारी किया गया, लेकिन सवा महीने बाद भी इसे ठीक नहीं किया गया है। छात्र-छात्राएं विवि में लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
छात्रसंघ के पूर्व महामंत्री अंकित अधाना के नेतृत्व में भी छात्रों का प्रतिनिधिमंडल कुलसचिव धीरेंद्र कुमार वर्मा से मिला था। अब परेशान छात्रों ने चुनौती मूल्यांकन के लिए आवेदन किया तो उन्हें दूसरे सेमेस्टर की कॉपी उपलब्ध करा दी, जबकि छात्रों ने उसी विषय के लिए आवेदन किया था, जिसमें उसका ब्लैंक रिजल्ट है। ऐसे ही एक छात्र को विश्वविद्यालय से सूचना दी गई कि वो परीक्षा में अनुपस्थित है। उसकी कॉपी विवि के पास नहीं है, जबकि उसने परीक्षा दी है। छात्र के पास कार्बन कॉपी भी है, उसके बाद भी विवि प्रशासन छात्र को लगातार टरका रहा है।
छात्रों का कहना है कि विवि प्रशासन बताए जब छात्रों ने परीक्षाएं दी है तो उनकी कॉपियां कहा चली गई हैं। आखिर सैकड़ों छात्रों का रिजल्ट अभी तक ब्लैंक क्यों हैं। ऐसे में अब विश्वविद्यालय मामले को दबाने में लगा है। अंकित अधाना ने कहा है कि छात्र जल्द ही परीक्षाओं की कार्बन कॉपी और उपस्थिति के सुबूत अधिकारियों को दिखाएंगे। छात्र शान मोहम्मद, नोविन, विशाल ने भी विवि में शिकायती पत्र दिया है। कुलसचिव का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान कराया जा रहा है।