मेरठ। हैदराबाद का सीबीआई अफसर बनकर साइबर ठगों ने द्वारका टावर निवासी डॉक्टर अनुज कुमार को कई घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। मनी लाॅड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर डॉक्टर से 3.37 लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
जागृति विहार द्वारका टावर निवासी डॉक्टर अनुज कुमार के पास 21 अगस्त को व्हाट्सएप पर वीडियो कॉल आई। कॉलर ने खुद को हैदराबाद का स्पेशल सीबीआई अफसर शिव सुब्रमण्यम बताया। कहा कि तुम्हारे कैनरा बैंक बरेली के खाते का मनी लॉड्रिंग मामले में नरेश गोयल नाम का इस्तेमाल किया गया है। हम उसकी जांच कर रहे हैं, इसमें आपको मदद करनी होगी। इस बारे में किसी को बताने पर डॉक्टर और नरेश गोयल को गिरफ्तार करने की धमकी दी।
इस दौरान अनुज कुमार को लगातार कई घंटे वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट रखा गया। उनसे आधार नंबर और बैंक खाते संबंधी निजी जानकारी ली गई। उनके शेयरों के बारे में कॉल करने वाले को पहले ही जानकारी थी। इसके बाद एक बैंक अकांउट नंबर देकर उसमें 3.27 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से ट्रांसफर करा लिए। इसके अलावा एक अन्य अकाउंट में 10 हजार रुपये उन्होंने ट्रांसफर किए। आरोपी ने किसी को इस मामले में जानकारी देने पर जेल भेजने की धमकी देकर कॉल काट दी। पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ तो उन्होंने थाने में शिकायत की। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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बिजली बिल बकाया बताकर 46 हजार रुपये की ठगी
मेरठ। साइबर ठगों ने बिजली बिल बकाया बताकर एक व्यक्ति से करीब 46 हजार रुपये ठग लिए। गंगानगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए मीनाक्षीपुरम निवासी सुधीर कुमार गर्ग ने बताया कि उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने अपना नाम रजनीश गुप्ता बताया। कहा कि वह विद्युत विभाग से बोल रहा है। आपका पिछले माह का बिजली बिल बकाया है। उसने सुधीर गर्ग को बातों में लगाकर एक बैंक खाते में 46,512 रुपये ट्रांसफर करा लिए। पीड़ित ने आरोपी के बैंक खाते का विवरण देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।