भरतिया कॉलोनी में रहते हुए ही मुकुल गोयल के पिता महेंद्र गोयल का छह साल पूर्व 30 जून को ही निधन हो गया था। बुधवार को ही उनके पिता की पुण्यतिथि थीं, जिसके लिए सुबह-सवेरे आवास पर हवन-यज्ञ किया गया।
इसके बाद मां हेमलता गोयल, फूफेरे भाई व समाजसेवी राहुल गोयल व अन्य परिजनों ने महेंद्र गोयल के चित्र पर माल्यार्पण कर प्रभु से उनकी आत्मशांति के लिए प्रार्थना की। इसके बाद ब्राह्मणों को भोजन कराया गया। यह भी अजब संयोग रहा कि या यूं कहें कि पिता का आशीर्वाद रहा कि उनकी पुण्यतिथि के दिन ही आईपीएस मुकुल गोयल को प्रदेश पुलिस का मुखिया चुना गया।
बधाई देने वालों का लगा घर पर तांता
डीजीपी मुकुल गोयल के भरतिया कॉलोनी स्थित आवास पर बुधवार शाम जैसे ही उनकी नियुक्ति की जानकारी स्थानीय लोगों को मिली, उनके घर पर मां हेमलता गोयल को बधाई देने वालों का तांता लग गया। रिश्तेदार राहुल गोयल, नमन गोयल, कुमुद गोयल, श्रवण गुप्ता समेत आसपास के लोगों ने उनकी मां को मिठाई खिलाकर उन्हें बधाई दी।
वहीं, स्थानीय नई मंडी थाना पुलिस भी उनके आवास पर पहुंची और आवास पर रहने वाली डीजीपी की बुजुर्ग मां की सुरक्षा संबंधी कार्रवाई पूरी की। घर में पिछले सात साल से रहकर डीजीपी मुकुल गोयल की मां की सेवा करने वाले गांव सिखेडा निवासी केयर टेकर पंकज को भी पुलिस ने सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारियां दीं।
16 महीने एसएसपी मेरठ रहे मुकुल गोयल
1987 बैच के आईपीएस मुकुल गोयल को यूपी के नए डीजीपी बने है। जिसको लेकर मेरठ में भी उनके डीजीपी बनने पर खुशी की लहर है। क्योंकि मुकुल गोयल मेरठ में 16 महीने एसएसपी रहे। इस दौरान इनका कार्यकाल बेहतर रहा और इन्होंने कई सराहनीय कार्य भी किए है।
बताया गया है कि अपने बेहतर कुशल व्यवहार के चलते मेरठ के कई लोग आज भी मुकुल गोयल से जुड़े हुए हैं। उनके डीजीपी बनने पर लोगों ने बधाई दी हैं और उनके साथ पुरानी कुछ फोटो को मीडिया के साथ शेयर भी किया। मुकुल गोयल मेरठ में 5 मई 2002 से 24 सितंबर 2003 तक एसएसपी मेरठ रहे है।