एक बार में एक जहाज भरेगा उड़ान
सिटी मजिस्ट्रेट पारसनाथ का कहना है कि 200 मीटर चौड़े और 2700 मीटर लंबे रनवे पर 72 सीटर वाला हवाई जहाज सिंगल उड़ान भर सकता है। हवाई पट्टी के विस्तार को लेकर प्रशासन ने तैयारी लगभग पूरी कर ली।
तीन गांव की जमीन विस्तार हवाई पट्टी में आ रही है। उक्त तीनों गांव के लोगों से बातचीत हो चुकी है। भू-अधिग्रहण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। जिसके बाद हवाई पट्टी का ट्रैक चौड़ा और लंबा हो जाएगा। जिसमें डबल हवाई जहाज आ सकता है।
100 मीटर में हवाई जहाज खड़ा होगा
बताया कि हवाई पट्टी पर 15 मीटर खाली जमीन और 60 फीट की कच्ची जमीन रहेगी। जिस पर हवाई जहाज खड़ा हो सकता है। हवाई पट्टी पर फायर ब्रिगेड की जरूरत होती है। जिसकी गाड़ी परतापुर फायर स्टेशन पर खड़ी कराई जा सकती है। सुरक्षा की दृष्टि से मेरठ पुलिस और वेदव्यासपुरी की आरएएफ की व्यवस्था की जाएगी।
जमीन खरीदने की जरूरत नहीं : लक्ष्मीकांत
डॉ. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि मैंने पिछले 15 दिन में अपर निदेशक डीजीसीए के साथ तीन बार बैठक की। जिसमें बताया कि बड़ा हवाई जहाज उड़ाने के लिए 200 मीटर चौड़ा और 2700 से 3000 हजार लंबा रनवे के लिए परतापुर हवाई पट्टी पर जमीन वर्तमान में उपलब्ध है। इसी जमीन पर डीजीसीए ने लाइसेंस देने की बात भी कहीं है।
हवाई पट्टी पर फिलहाल जमीन की आवश्यकता नहीं है। लक्ष्मीकांत ने अधिकारियों से कहा कि शासन से बार-बार 400 एकड़ या 39 एकड़ जो जमीन मांगी जा रही है, उसका फिलहाल कोई उपयोग नहीं है। जिला प्रशासन, एमडीए, वन और उड्डयन विभाग के अधिकारियों का एक साथ न बैठने के चलते यह विसंगतियां हो रही थीं, जोकि आज बैठक में सामाप्त हो गईं।
परतापुर हवाई पट्टी से घरेलू उड़ान प्रारंभ करने और इसके विस्तार के लिए गंभीर प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री से मुलाकात में भी मैने यह मुद्दा उठाया था। हवाई उड़ान के लिए मिल जुलकर काम करेंगे। -डॉ. सोमेंद्र तोमर, ऊर्जा राज्य मंत्री
हवाई पट्टी के विस्तार के लिए 121 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। इसका सर्वे एयरपोर्ट अथॉरिटी और जिला प्रशासन ने किया है। बैठक में सांसद ने कई बिंदु बताकर विस्तार और हवाई जहाज के उड़ान की बात कही है। जिला प्रशासन हवाई पट्टी पर वर्तमान भूमि और सर्वे की रिपोर्ट सांसद को चार-पांच दिन में दे देगा। -दीपक मीणा, डीएम