दौराला। अझौता गांव के ग्रामीणों ने मंडलायुक्त को राशन की दुकान को लेकर खुली बैठक में न्यायालय के आदेश के बावजूद पुराने डीलर को दोबारा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने जांचकर कार्रवाई की मांग की है।
गांव निवासी गुलचंद, रतन सिंह, बीरमती, नेपाल, माया, मंदीप, बाला, राजेश आदि ने बताया कि अझौता गांव में पूर्व में राशन घोटाले में डीलर समंदर की दुकान निरस्त कर दी गई थी। यही नहीं न्यायालय के आदेश पर वह जेल भी गया था। उपजिलाधिकारी के आदेश पर दुकान का आवंटन खुली बैठक में किया जाना था। आरोप है कि 20 जनवरी को खुली बैठक में राशन की दुकान का आवंटन करने के लिए अधिकारी पहुंचे। इससे पहले कोई मुनादी नहीं कराई गई और समंदर को ही राशन की दुकान का आवंटन कर दिया गया। इसका विरोध किया गया तो उन्होंने ग्रामीणों को धमकी दी। पीड़ित ग्रामीणों ने मंडलायुक्त एवं एसडीएम सरधना को प्रार्थना पत्र देकर मामले की जांचकर कार्रवाई की मांग की है। एसडीएम सरधना अमित कुमार भारतीय का कहना है कि मामला संज्ञान में नहीं है जल्द जांच कराई जाएगी।