मंत्री रीता बहुगुणा जोशी
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प्रदेश सरकार में महिला कल्याण, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण एवं पर्यटन विभाग की मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने कहा कि ऐसे राष्ट्र भक्त को नमन, जिसने पहले सेना में रहकर देश की सेवा की, फिर वकालत और राजनीति में आकर समाज सेवा की। उन्हें संसदीय कार्यों की अभूतपूर्व जानकारी रहती थी। सदन में वह तर्क संगत और गंभीरता से अपनी बात रखते थे और सत्ताधारी दल के नेताओं को उनकी जिम्मेदारी का बोध कराते थे। ऐसे व्यक्तित्व वाले लोग बहुत कम मिलते हैं।
बाबूजी का कोई मुकाबला नहीं : कंवरपाल सिंह
हरियाणा विधानसभा स्पीकर कंवरपाल सिंह ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह का जीवन बेमिसाल रहा। उनकी विद्वता का कोई मुकाबला नहीं था। कैराना क्षेत्र का सौभाग्य है कि ऐसे मकान व्यक्ति का जन्म यहां हुआ।
धैर्यवान और गंभीरता थी उनका गहना : चौहान
प्रदेश सरकार में खेल, युवा कल्याण, व्यवसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री चेतन चौहान ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह के साथ लंबे समय से कार्य किया, मेरा उनसे खास लगाव था। इसी कारण वह मेरे चुनाव में प्रचार करने जरूर आते थे। वह धैर्यवान होेने के साथ ही दूसरों की बात सुनने में गंभीर रहते थे। ऐसे महान व्यक्ति की कमी हमेशा खलती रहेगी।
पार्टी बाबूजी के परिवार के साथ खड़ी है : त्यागी
भाजपा के नवनियुक्त पश्चिमी उत्तर प्रदेश अध्यक्ष अश्वनी त्यागी ने कहा कि दुख की इस घड़ी में भारतीय जनता पार्टी बाबूजी के परिवार के साथ है। बाबूजी ने पार्टी और इस क्षेत्र को बहुत कुछ दिया, उनके जो सपने थे उन्हें साकार किया जाएगा।
कम शब्दों में गंभीरता से अपनी बात रखते थे : राघव लखनपाल
सहारनपुर से भाजपा सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने कहा कि मैं जब विधायक बना था, तो बाबू हुकुम सिंह विधानमंडल दल के नेता थे। वह मैन ऑफ फ्यू वर्डस के रूप में कार्य करते थे, कम शब्दों में गंभीरता और शालीनता से अपनी बात रखते थे। ऐसी कला हर किसी में देखने को नहीं मिल पाती है।
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भाजपा सांसद संजीव बालियान
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मुजफ्फरनगर से भाजपा सांसद संजीव बालियान ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह नेताओं की पीढ़ी के ऐसे आखिरी व्यक्ति थे। जो जनहित के मुद्दों को लेकर अपनी ही सरकार के खिलाफ भी बोलने से नहीं हिचकते थे। चाहे गन्ना मूल्य का मुद्दा हो या दिल्ली से शामली तक सीएनजी ट्रेन संचालन का। जनता की बात सही मंच पर उठाने और अपनी जायज मांग को मनवाने के लिए मोर्चा तक खोलने का साहस रखते थे।
युवाओं के मार्गदर्शक थे : यशवंत सिंह
नगीना से भाजपा सांसद डॉ. यशवंत सिंह ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह विशाल व्यक्तित्व के धनी थे और युवा नेताओं के मार्गदर्शक थे। दलगत सीमा से ऊपर उठकर हर किसी के प्रति उनका शुभ आचरण रहता था। ऐसे व्यक्ति का चले जाने से जो क्षति हुई है, वह पूरी होनी मुश्किल है।
दृढ़ता और कुशलता से संसद का संचालन करते थे : अग्रवाल
मेरठ से भाजपा सांसद राजेंद्र अग्रवाल ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह से उनका परिचय 2001 में हुआ था, उसके बाद से अब तक राजनीति में उनके साथ रहकर कार्य किया। संसद में भी उनके बगल में बैठते थे। बाबू हुकुम सिंह कुशलता और दृढ़ता के साथ संसद का संचालन करते थे और बीमार होने के बावजूद संसद छोड़ना पसंद नहीं करते थे। बाबूजी के रूप में पार्टी का
अभिभावक चला गया।
हमारी और पार्टी की तरफ से श्रद्धांजलि : नागर
सपा नेता एवं राज्य सभा सदस्य सुरेंद्र नागर ने कहा कि मेरे राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही बाबू हुकुम सिंह का प्यार और स्नेह मिलता रहा। जब भी उनसे मुलाकात होती थी, तो कुछ सीखने को मिलता था। हमारी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव और पार्टी की तरफ से बाबूजी को श्रद्धांजलि अर्पित है।
हर नेता के मन में बाबूजी के प्रति सम्मान : रामसकल गुर्जर
सपा एमएलसी रामसकल गुर्जर ने कहा कि सदन में रहते हुए बाबू हुकुम सिंह से काफी कुछ समझने और सीखने को मिलता था। दलगत राजनीति से हटकर बाबूजी का हर कोई सम्मान करता था। ऐसे व्यक्ति बहुत कम मिलते हैं।
ज्ञान और गुण की कुंजी थे बाबूजी : नाहिद हसन
कैराना से सपा विधायक नाहिद हसन ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह ज्ञान और गुणों की कुंजी थे। मेरे पिता ने भी बाबू हुकुम सिंह से बहुत बातें सीखीं कि जनता के बीच रहकर किस तरह से सही बातें उठाई जानी चाहिए। सेना से लेकर वकालत और फिर राजनीति में बाबूजी ने जीवन में महान किरदार निभाया।
भाकियू के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत
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बालियान खाप के चौधरी तथा भाकियू के अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह में अच्छाइयां कूट कूटकर भरी हुई थीं। टिकैत परिवार से उनके गहरे संबंध थे। विभिन्न मुद्दों पर वह सही निर्णय लेने में परिपक्व थे और दूसरों को भी समझाते थे। वह व्यवहार कुशल थे। वह कलस्यान खाप के लिए जो विरासत छोड़कर गए हैं, उसे संभालना और आगे बढ़ाने की जरूरत है।
हमें संघर्ष करना सिखा गए बाबूजी : वीरेंद्र सिंह
सपा एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह ने सेना, वकालत और फिर राजनीति में आकर देश सेवा की। 1980 में जब मैंने राजनीतिक सफर की शुरुआत की, तो बाबूजी ने ही संघर्ष का मंत्र दिया। राजनीतिक रूप से हम एक दूसरे का विरोध भी करते थे, लेकिन रिश्ता हमेशा चाचा भतीजे का ही रहा।
गलत फैसले का विरोध करने में भी नहीं हिचकते थे : निर्वाल
शामली से भाजपा विधायक तेजेंद्र निर्वाल ने कहा कि बाबू हुकुम सिंह की कार्यशैली अद्वितीय थी। हर बार उनसे मुलाकात होने पर नई बात सीखने को मिलती थी। उनमें सबसे बड़ी खूबी यही थी कि गलत फैसले का विरोध करने से हिचकते नहीं थे, चाहे फैसला अपनी सरकार का ही क्यों न हो। किसान, गरीब और मजदूर की आवाज थे बाबूजी। जीवन के अंतिम समय में भी वह हिम्मत के साथ जनसेवा के कार्य करते रहे, उनके निधन से पूरा क्षेत्र अवाक रह गया।
हमारे दिलों पर राज करेंगी बाबूजी की यादें : तोमर
मेरठ दक्षिण से विधायक सोमेंद्र तोमर ने कहा कि चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी में छात्र संघ अध्यक्ष से लेकर विधायक बनने तक मुझे बाबू हुकुम सिंह का आशीर्वाद मिलता रहा। बाबूजी ने जो कार्य किए, उनकी यादें हमारे दिलों पर राज करती रहेंगी।
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