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देवबंदी उलमा बोले - जबरन या लालच से नहीं हो सकता धर्मांतरण 

Thu, 03 Dec 2020 04:04 PM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहारनपुर
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मौलाना मुफ्ती असद कासमी - फोटो : अमर उजाला
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देवबंद में सुन्नी बरेलवी मसलक ने फतवा जारी कर जबरन धर्मांतरण कराने को नाजायज करार दिया है। इस फतवे का देवबंदी उलमा ने भी समर्थन किया है। उलमा का कहना है कि मजहब जोर-जबरदस्ती या लालच से नहीं, बल्कि सच्ची नीयत से कबूल किया जाता है।
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उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर अध्यादेश लाया गया है। इस बीच मरकज आला हजरत के फतवे पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए जामिया शेखुल हिंद के मोहतमिम मुफ्ती असद कासमी ने कहा कि इस्लाम मजहब में किसी गैर मजहब की लड़की या लड़के के साथ निकाह नहीं हो सकता। 

किसी को भी जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन करना नाजायज है। फतवा ऑन मोबाइल सर्विस के चेयरमैन मुफ्ती अरशद फारुकी ने कहा कि लव जिहाद मुल्क में नफरत फैलाने वालों का नया शिगूफा है। अपनी मर्जी से ही इस्लाम कबूल करना जायज है। महज शादी के लिए धर्म परिवर्तन करने की इजाजत इस्लाम नहीं देता है। इस्लाम को दिल से मानना जरूरी है।
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